Farooq Abdullah News: जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम और नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने गुरुवार (23 जनवरी) को माता शेरा वाली को समर्पित 'तूने मुझे बुलाया शेरावालिये' भजन गाकर श्रद्धालुओं को चौंका दिया। अब्दुल्ला के भजन का एक वीडियो सोशल मीडिया के तमाम प्लेटफॉर्म पर वायरल हो गया है। नेशनल कॉन्फ्रेंस के सुप्रीमो अब्दुल्ला गुरुवार को गायकों के एक ग्रुप के साथ भक्ति गीत "तूने मुझे बुलाया शेरावालिये, मैं आया मैं आया शेरावालिये" गाते हुए नजर आए। नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता जम्मू के कटरा में माता वैष्णो देवी मंदिर में एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल हुए थे।
फारूक अब्दुल्ला (Farooq Abdullah) को इस दौरान मंदिर से जुड़ा एक पारंपरिक लाल रंग का दुपट्टा पहने देखा गया। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री अब्दुल्ला ने कटरा में 'रोपवे' निर्माण के मुद्दे पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि माता वैष्णो देवी मंदिर के संचालन के लिए जिम्मेदार लोगों को ऐसे काम करने से बचना चाहिए, जिससे लोगों को परेशानी हो।
कटरा के एक आश्रम में भजन कार्यक्रम में एक गायक और बच्चों के साथ शामिल होकर जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम अब्दुल्ला ने गाया, "तूने मुझे बुलाया शेरावालिये, मैं आया मैं आया शेरावालिये...।" कार्यक्रम के दौरान अब्दुल्ला ने कटरा में रोपवे निर्माण परियोजना के विवादास्पद मुद्दे पर बात की और इसके खिलाफ प्रदर्शन कर रहे स्थानीय निवासियों के प्रति अपना समर्थन जताया।
उन्होंने समुदाय के हितों पर पर्याप्त विचार किए बिना परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड पर निशाना साधा। अब्दुल्ला ने इस अवसर पर रोपवे प्रोजेक्ट के खिलाफ कटरा के लोगों के विरोध का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने कहा, "मंदिर का संचालन करने वालों को ऐसा कोई काम नहीं करना चाहिए, जिससे स्थानीय लोगों के हितों को नुकसान पहुंचे या उनके लिए समस्याएं पैदा हों।"
उन्होंने शहर के हितों पर विचार किए बिना रोपवे का निर्माण करने के लिए बोर्ड की आलोचना की। पीटीआई के मुताबिक अब्दुल्ला ने कहा, "आपने साहस दिखाया और इसे रोकने के लिए बहादुरी से लड़ाई लड़ी। उन्हें एहसास हो गया है कि सत्ता जनता के पास है, सरकार के पास नहीं।"
अब्दुल्ला ने इस बात पर जोर दिया कि लोगों के पास सरकार बनाने या तोड़ने की शक्ति है। अब अधिकारी उनसे इस बात पर चर्चा करने के लिए संपर्क कर रहे हैं कि रोपवे का निर्माण कहां किया जाना चाहिए।