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₹81 करोड़ के फर्जीवाड़े में फंसा Ashneer Grover और उनका परिवार, आठ धाराओं में FIR दर्ज, ये है पूरा मामला

दिग्गज फिनटेक प्लेटफॉर्म भारतपे (BharatPe) के पूर्व एमडी अश्नीर ग्रोवर (Ashneer Grover) और उनके परिवार की दिक्कतें बढ़ गई हैं। आर्थिक मामलों की जांच एजेंसी इकनॉमिक अफेंसेज विंग ने अश्नीर ग्रोवर, उनकी पत्नी माधुरी जैन ग्रोवर के साथ उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ आठ धाराओं में एफआईआर दर्ज किया है। जानिए यह पूरा मामला क्या है और किन-किन धाराओं में एफआईआर दर्ज हुई है

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड May 11, 2023 पर 2:40 PM
₹81 करोड़ के फर्जीवाड़े में फंसा Ashneer Grover और उनका परिवार, आठ धाराओं में FIR दर्ज, ये है पूरा मामला
BharatPe का कहना है कि एफआईआर सही दिशा में उठाया गया कदम है जिससे यह सामने आ सकेगा कि ग्रोवर परिवार ने अपने निजी आर्थिक फायदे के लिए कौन-कौन से लेन-देन किए। कंपनी के मुताबिक इस एफआईआर से अब जांच एजेंसी आपराधिक मसलों की गहराई से जांच कर सकेगी और दोषियों को सजा दिला सकेगी।

दिग्गज फिनटेक प्लेटफॉर्म भारतपे (BharatPe) के पूर्व एमडी अश्नीर ग्रोवर (Ashneer Grover) और उनके परिवार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। आर्थिक मामलों की जांच एजेंसी इकनॉमिक अफेंसेज विंग (EOW) ने अश्नीर ग्रोवर, उनकी पत्नी माधुरी जैन ग्रोवर के साथ उनके परिवार के सदस्यों दीपक गुप्ता, सुरेश जैन और श्वेतांक जैन के खिलाफ बुधवार को एफआईआर दर्ज की। यह एफआईआर आठ धाराओं में दर्ज है जिसमें धारा 409 (पब्लिक सर्वेंट, बैंकर, व्यापारी या एजेंट द्वारा भरोसे के आपराधिक हनन), धारा 420 (प्रॉपर्टी को लेकर बेईमानी और धोखाधड़ी), धारा 467 (कीमती सिक्योरिटीज, वसीयत इत्यादि के फर्जीवाड़े) और धारा 120बी ( आपराधिक षड्यंत्र) शामिल हैं। इसके अलावा 81 करोड़ रुपये के इस फर्जीवाड़े में ग्रोवर और उनके परिवार के खिलाफ आईपीसी की धारा 406, धारा 408, धारा 468 और धारा 471 के तहत भी मामला बना है।

ग्रोवर परिवार के लिए बढ़ी मुश्किलें

भारतपे का कहना है कि एफआईआर सही दिशा में उठाया गया कदम है जिससे यह सामने आ सकेगा कि ग्रोवर परिवार ने अपने निजी आर्थिक फायदे के लिए कौन-कौन से लेन-देन किए। कंपनी के मुताबिक इस एफआईआर से अब जांच एजेंसी आपराधिक मसलों की गहराई से जांच कर सकेगी और दोषियों को सजा दिला सकेगी। कंपनी ने सभी जरूरी सहयोग देने की बात कही है। इस मामले में भारतपे को एमजेएम लीगल सलाह दे रही है। MZM Legal LLP के मैनेजिंग पार्टनर जुल्फिकार मेनन का कहना है कि ईओडब्ल्यू के पास एक विस्तृत शिकायत के बाद गहन जांच हुई और अब इस बात की खुशी है कि जांच एजेंसी ने संज्ञान लिया है और एफआईआर दर्ज कर लिया गया है।

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