Gurpatwant Singh Pannun Video: सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि 20 जनवरी को अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह में प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन सिख फॉर जस्टिस (SFJ) के कुख्यात खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू भी शामिल हुआ था। डोनाल्ड जे. ट्रंप ने सोमवार 20 जनवरी को अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर आतंकी का एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में पन्नू को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह में खालिस्तान के समर्थन में नारे लगाते हुए देखा गया है।
प्रतिबंधित संगठन सिख फॉर जस्टिस (SFJ) के जनरल काउंसल पन्नू ने कथित तौर पर 'द लिबर्टी बॉल' में आधिकारिक शपथ ग्रहण समारोह में भाग लिया। रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि उसे आधिकारिक तौर पर आमंत्रित नहीं किया गया था। लेकिन उसने किसी संपर्क के माध्यम से शपथ ग्रहण समारोह का टिकट हासिल कर लिया था।
ट्रंप से शपथ के दौरान वायरल वीडियो में भीड़ को जोर-जोर "USA-USA" के नारे लगाते हुए दिखाया गया है। जबकि मंच पर ट्रंप और उनकी पत्नी मेलानिया मौजूद हैं। इस दौरान, पन्नू ने अपने मोबाइल कैमरे को कुछ देर के लिए चालू किया। इस दौरान वीडियो शूट करते हुए "खालिस्तान जिंदाबाद" का नारा लगाया।
वीडियो के ऑनलाइन सामने आने के बाद, कई भारतीय यूजर्स ने नाराजगी व्यक्त की। लोगों ने सवाल उठाया कि गुरपतवंत सिंह पन्नू ने भारतीय राजनयिकों को जान से मारने की धमकी दी है। यहां तक कि एयर इंडिया की फ्लाइट में बमबारी की धमकी भी दी है। फिर भी उसको इस तरह के हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम में भाग लेने की अनुमति कैसे दी गई?
कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने पन्नू का वीडियो शेयर करते हुए भारत सरकार से आतंकी के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की है। सुप्रिया श्रीनेत ने बुधवार (22 जनवरी) को X पर लिखा, "खालिस्तानी गुरपतवंत सिंह पन्नू को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 'लिबर्टी बॉल' में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया। पन्नू खालिस्तान की जय-जयकार करता भी नजर आ रहा है। क्या भारत सरकार सिर्फ मूकदर्शक बनी रहेगी या हम इस पर आपत्ति जताएंगे? क्या हमारी भूभागीय अखंडता के खिलाफ साजिश रचने वालों का अमेरिका द्वारा सत्कार करना सही है? या प्रधानमंत्री मोदी अडानी को बचाने के लिए यह कीमत चुकाने को भी तैयार हैं?"
ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रतिनिधित्व करते हुए भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर भी मौजूद थे। 20 जनवरी को डोनाल्ड ट्रंप ने संयुक्त राज्य अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। अमेरिकी चुनाव में जबरदस्त जीत के साथ 47वें राष्ट्रपति के तौर पर डोनाल्ड ट्रंप के शपथ लेने से कुछ हफ्तों पहले ही दुनिया को यह अहसास हो गया था कि उनका दूसरा कार्यकाल विश्व और अमेरिका के लिए कैसा रहने वाला है।
कौन है गुरपतवंत सिंह पन्नू?
अमेरिकी-कनाडाई नागरिक गुरपतवंत सिंह पन्नू को भारत में आतंकवादी घोषित किया गया है। वह भारतीय क्षेत्र के भीतर एक स्वतंत्र सिख मातृभूमि खालिस्तान की सक्रिय रूप से वकालत करता है। जुलाई 2020 में गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत पन्नू को अलगाववाद की वकालत करने और हिंसा भड़काने में उसकी भूमिका के लिए आतंकवादी घोषित किया गया था। भारत सरकार ने उसके खिलाफ कई गिरफ्तारी वारंट भी जारी किए। भारतीय जांच एजेंसियों ने उसकी संपत्तियां भी जब्त कर ली हैं।