Get App

21 साल के इस शख्स ने खड़ी कर दी ₹500 करोड़ की कंपनी, रतन टाटा ने भी किया है निवेश, बेचते हैं 90% तक सस्ती दवा

21 वर्षीय अर्जुन देशपांडे (Arjun Deshpande) आज करीब 500 करोड़ की वैल्यू वाली एक कंपनी के मालिक है। उन्होंने महज 16 साल की उम्र में लोगों को सस्ती कीमत पर दवाएं मुहैया कराने के लिए 'जेनरिक आधार (Generic Aadhaar)' नाम से एक कंपनी की स्थापना की थी। दिग्गज उद्योगपति रतन टाटा ने भी इस कंपनी में निवेश किया हुआ है

Moneycontrol Newsअपडेटेड Jun 06, 2023 पर 6:31 PM
21 साल के इस शख्स ने खड़ी कर दी ₹500 करोड़ की कंपनी, रतन टाटा ने भी किया है निवेश, बेचते हैं 90% तक सस्ती दवा
जेनरिक आधार के पास देश भर में करीब 2,000 स्टोर हैं

21 वर्षीय अर्जुन देशपांडे (Arjun Deshpande) आज करीब 500 करोड़ की वैल्यू वाली एक कंपनी के मालिक है। उन्होंने महज 16 साल की उम्र में लोगों को सस्ती कीमत पर दवाएं मुहैया कराने के लिए 'जेनरिक आधार (Generic Aadhaar)' नाम से एक कंपनी की स्थापना की थी। आज उनकी कंपनी के पास पूरी फ्रेंचाइजी की चेन है, जो जेनेरिक दवाएं बेचती है। ये दवाएं आमतौर पर बाजार में उपलब्ध कीमत से करीब 80 से 90 प्रतिशत तक सस्ती होती हैं।

मुख्य मुख्यालय वाले इस स्टार्टअप की वैल्यू आज करीब 500 करोड़ रुपये है और दिग्गज उद्योगपति रतन टाटा ने भी इस कंपनी में निवेश किया हुआ है।

जेनरिक आधार ने लागत में अच्छी खासी कटौती करने के लिए मार्केटियर्स, डिस्ट्रीब्यूटर्स और स्टॉकिस्ट सहित कई बिचौलियो को हटा दिया है। इसके चलते यह बेहद कम दाम में दवाओं को बेच पाती है। उदाहरण के लिए शुगर की दवा ग्लिमिपिराइड (Glimipiride) सामान्य रूप से बाजार में 110 रुपये प्रति स्ट्रिप की दर पर बिकती है। वहीं जेनरिक आधार पर इस दवा को 5 रुपये थोड़े अधिक में बेचती है।

CNBC TV-18 ने एक रिपोर्ट में बताया, इसी तरह एंटी-एलर्जी वाली दवा लिवोसेट्रिजीन (Levocetrizine), आमतौर पर बाजार में 55 रुपये में उपलब्ध है, जेनेरिक आधार पर 6 रुपये प्रति स्ट्रिप की कीमत पर उपलब्ध है।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें