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Indian Railways: पिछले 16 महीने में हर तीसरे दिन एक Non Performer कर्मचारी को नौकरी से निकाला, रिपोर्ट में खुलासा

Indian Railways: एक अधिकारी को हैदराबाद में CBI ने 5 लाख रुपये की रिश्वत के साथ पकड़ा था। वहीं एक दूसरे अधिकारी को रांची में 3 लाख रुपये के साथ पकड़ा गया था

MoneyControl Newsअपडेटेड Nov 24, 2022 पर 2:20 PM
Indian Railways: पिछले 16 महीने में हर तीसरे दिन एक Non Performer कर्मचारी को नौकरी से निकाला, रिपोर्ट में खुलासा
रेलवे से इलेक्ट्रिकल और सिग्नलिंग, मेडिकल और सिविल, स्टोर, ट्रैफिक और यांत्रिक विभागों के कर्मचारी हटाए गए हैं।

Indian Railways: मोदी सरकार इन दिनों कर्मचारियों पर काफी सख्त रवैया अपना रही है। भ्रष्टाचार हो या काम करने के प्रदर्शन के मामले में सरकार कोताही नहीं बरत रही है। ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जा रहा है। अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnav) ने जुलाई 2021 में रेल मंत्री के रूप में कार्यभार संभाला था। इसके बाद अधिकारियों को बार-बार चेतावनी दी थी कि अगर वे प्रदर्शन नहीं करते हैं, तो VRS लें और घर बैठें। इस बीच एक रिपोर्ट के मुताबिक रेलवे ने जुलाई 2021 से हर तीन दिन में एक 'नॉन-परफॉर्मर' कर्मचारी को बाहर किया है।

सूत्रों के मुताबिक बुधवार को दो वरिष्ठ ग्रेड के अधिकारियों को लापरवाही बरतने के आरोप में बर्खास्त कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि उनमें से एक को हैदराबाद में CBI ने 5 लाख रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा था। वहीं दूसरे अधिकारी को रांची में 3 लाख रुपये की रिश्वत लेते धरा गया।

38 लोग बर्खास्त

रिपोर्ट में कहा गया है कि रेलवे के 139 अधिकारियों को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (Voluntary Retirement Scheme -VRS) लेने पर मजबूर किया गया है। वहीं 38 को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। जिन लोगों को VRS लेने के लिए मजबूर किया गया या बर्खास्त किया गया है। उनमें इलेक्ट्रिकल और सिग्नलिंग, मेडिकल और सिविल सेवाओं के अधिकारी, स्टोर, ट्रैफिक और यांत्रिक विभागों (mechanical departments) के कर्मचारी शामिल हैं। बता दें कि VRS लेने वाले कर्मचारी को बची हुई सर्विस के हर साल के लिए 2 महीने के बराबर की सैलरी दी जाती है। हालांकि अनिवार्य रूप से रिटायर हुए कर्मचारियों को ये लाभ नहीं मिलता है।

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