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चार महीने में भारतीय स्टार्टअप्स से 5,868 एंप्लॉयीज की छुट्टी, सबसे ज्यादा इस सेक्टर में लगा झटका

Layoff in Indian Startups: इस साल भारतीय स्टार्टअप्स ने 5800 से अधिक एंप्लॉयीज की छंटनी की है। पिछले साल के शुरुआती चार महीने में यह आंकड़ा 6 हजार से अधिक था लेकिन इस बार स्थिति अधिक गंभीर दिख रही है। जानिए क्या बदलाव आया है और सबसे ज्यादा छंटनी किस सेक्टर में हुई है। वहीं छंटनी की वजह क्या है

Moneycontrol Newsअपडेटेड May 01, 2023 पर 3:49 PM
चार महीने में भारतीय स्टार्टअप्स से 5,868 एंप्लॉयीज की छुट्टी, सबसे ज्यादा इस सेक्टर में लगा झटका

Layoff in Indian Startups: फंडिंग विंटर यानी फंडिंग की किल्लत ने भारतीय स्टार्टअप को तगड़ा झटका दिया है। इस साल 2023 के शुरुआती चार महीने में भारतीय स्टार्टअप्स ने करीब 6 हजार एंप्लॉयीज की छंटनी की है। यह छंटनी लागत कम करने और मुनाफे को लेकर किया गया है। पिछले साल से तुलना करें तो इस साल जनवरी-अप्रैल 2023 में 41 स्टार्टअप्स ने 5,868 एंप्लॉयीज की छंटनी की है जबकि पिछले साल समान अवधि में 8 स्टार्टअप्स ने 6,040 एंप्लॉयीज को बाहर का रास्ता दिखाया था। पिछले साल आंकड़ा थोड़ा बड़ा था लेकिन स्केलर के को-फाउंजर अभिमन्यु सक्सेना के मुताबिक पिछले साल जो छंटनी हुई थी, वह न होती तो स्टार्टअप बंद होने की नौबत आ जाती लेकिन इस साल ज्यादातर छंटनी सावधानी के रूप में हुई है।

इस कारण छंटनी का शुरु हुआ दौर

यह छंटनी ऐसे समय में हुई जब प्राइवेट इक्विटी और वेंचर कैपिटल इनवेस्टर्स ने हाई ग्रोथ कंपनियों में निवेश की रफ्तार सुस्त की। यह रफ्तार महंगाई में उछाल, दुनिया भर में बढ़ती ब्याज दरों, पश्चिमी देशों में मंदी की आशंका और यूरोप में चल रहे युद्ध के चलते सप्लाई चेन में दिक्कतों के चलते सुस्त हुई। निवेशकों ने सिर्फ उन्हीं कंपनियों में पैसे लगाने को प्रमुखता दी जिनका यूनिट इकनॉमिक्स पॉजिटिव रहा और मुनाफे का रास्ता स्पष्ट रहा। फंडिंग पाने के लिए स्टार्टअप फाउंडर्स अब इसी मानक को हासिल करने पर काम कर रहे हैं जबकि एक साल पहले तक इसे भविष्य के लिए छोड़ दिया जाता था।

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