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डी कंपनी से कनेक्शन...ममता कुलकर्णी के महामंडलेश्वर बनने पर बढ़ा विवाद, अखाड़ों ने उठाए ये सवाल

Maha Kumbh 2025 Mamta Kulkarni: महाकुंभ में बॉलीवुड एक्ट्रेस ममता कुलकर्णी को महामंडलेश्वर बनाए जाने पर विवाद बढ़ता ही जा रहा है. किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर हिमांकी सखी के साथ-साथ और भी लोगों ने अखाड़े के इस फैसले पर सवाल उठाए हैं और कहा कि ममता कुलकर्णी का डी कंपनी से कनेक्शन रहा है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 26, 2025 पर 2:25 PM
डी कंपनी से कनेक्शन...ममता कुलकर्णी के महामंडलेश्वर बनने पर बढ़ा विवाद, अखाड़ों ने उठाए ये सवाल
ममता कुलकर्णी को महामंडलेश्वर बनाए जाने पर विवाद बढ़ता ही जा रहा है।

Mamta Kulkarni : अपने समय की फेमस बॉलीवुड एक्ट्रेस ममता कुलकर्णी अब आध्यात्मिक मार्ग पर चल पड़ी हैं। उन्होंने सांसारिक जीवन छोड़कर किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर के रूप में दीक्षा ले ली है। अब उनका नाम 'ममता नंद गिरी' हो गया है।। 24 जनवरी 2025 को महाकुंभ में पवित्र स्नान और पिंडदान करने के बाद उन्होंने दीक्षा ली। बता दें एक्ट्रेस ममता कुलकर्णी ने 1992 में अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की थी और 12 सालों में 40 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। वहीं महाकुंभ में ममता कुलकर्णी को महामंडलेश्वर बनाए जाने पर विवाद खड़ा है गया है। किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर हिमांकी सखी ने अखाड़े के इस फैसले पर फिर से सवाल उठाए दिए हैं।

छिड़ा है ये विवाद 

किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर के रूप में ममता कुलकर्णी की नियुक्ति को लेकर संतों में अलग-अलग राय है। कुछ संतों का तर्क है कि इस तरह की उपाधि किसी को भी नहीं दी जानी चाहिए, क्योंकि उनका मानना ​​है कि किसी व्यक्ति का चरित्र और आचरण ऐसी महत्वपूर्ण भूमिका के लिए देखा जाना चाहिए। कुछ लोगों का यह भी मानना ​​है कि ममता कुलकर्णी का डी कंपनी से कनेक्शन रहा है। ऐसे में बिना उसकी जांच पड़ताल किए उन्हें महामंडलेश्वर क्यों बनाया गया। दूसरी ओर, ऐसे संत भी हैं जो इस निर्णय का बचाव करते हैं। उनका कहना है कि ममता कुलकर्णी के खिलाफ लगाए गए आरोप कभी भी कानून की अदालत में साबित नहीं हुए हैं।

उनका तर्क है कि हर किसी को अपने अतीत की परवाह किए बिना आध्यात्मिक संन्यास लेने और एक नया रास्ता अपनाने का अधिकार है। उन्होंने आलोचकों को यह भी याद दिलाया कि एक पूर्व वेश्या को भी कभी गुरु की प्रतिष्ठित उपाधि दी गई थी, जिसका मतलब है कि किसी को भी उसकी योग्यता और आध्यात्मिक आह्वान के आधार पर महामंडलेश्वर बनाया जा सकता है, न कि उसके अतीत के आधार पर।

कुछ लोगों ने बताया विश्वासघात

शांभवी पीठ के प्रमुख श्री स्वामी आनंद स्वरूप महाराज ने ममता कुलकर्णी को किन्नर अखाड़े में महामंडलेश्वर बनाए जाने पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, 'पिछले कुंभ में किन्नर अखाड़े को मान्यता देकर बहुत बड़ा पाप किया गया, जिस तरह की अनुशासनहीनता हो रही है, वह बहुत घातक है। यह सनातन धर्म के साथ विश्वासघात है।' उन्होंने आगे कहा, 'मैंने ममता कुलकर्णी से कहा- इन लोगों के झांसे में मत आना। स्त्री के लिए कोई त्याग नहीं होता। ऐसी कई परंपराएं हैं, जिनमें तुम निर्लिप्त रह सकती हो। ऐसी जगह मत पड़ो कि लोग तुम पर थूकें।'

उन्होंने कहा, 'लोग किन्नर अखाड़े को मजाक समझ रहे हैं।' निरंजनी आनंद अखाड़े के महामंडलेश्वर बालकनंद जी महाराज ने कहा, 'मैं तपो निधि पंचायत आनंद अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर के पद पर हूं, इसलिए इस पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा। यह अखाड़े की परंपरा है। महामंडलेश्वर का पद अखाड़े का होता है। अखाड़े सभी स्वतंत्र हैं। आप किसी को इस तरह उठाकर महामंडलेश्वर नहीं बना सकते।'

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