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Maha Kumbh 2025 Stampede: महाकुंभ में कैसे मची भगदड़? सीएम योगी ने बताई पूरी कहानी, प्रयागराज में 10 करोड़ से अधिक श्रद्धालु मौजूद

Maha Kumbh 2025 Stampede on Mauni Amavasya: महाकुंभ मेले में बुधवार (29 जनवरी) तड़के मौनी अमावस्या के अवसर पर लाखों श्रद्धालुओं के उमड़ने के बाद भगदड़ जैसी स्थिति बनने से कई लोगों के घायल होने की खबर है। हालांकि अब स्थिति समान्य है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने बताया रि कुछ श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हैं

Akhileshअपडेटेड Jan 29, 2025 पर 12:58 PM
Maha Kumbh 2025 Stampede: महाकुंभ में कैसे मची भगदड़? सीएम योगी ने बताई पूरी कहानी, प्रयागराज में 10 करोड़ से अधिक श्रद्धालु मौजूद
Mahakumbh 2025 Stampede on Mauni Amavasya: बैरिकेड्स फांदकर आने की कोशिश में कुछ श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हुए हैं

Maha kumbh Stampede on Mauni Amavasya: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज महाकुंभ में हुई भगदड़ की घटना के बाद लखनऊ में एक उच्च स्तरीय बैठक की। इस दौरान उन्होंने कहा कि बैरिकेड्स फांदकर आने की कोशिश में कुछ श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हुए हैं। मुख्यमंत्री ने राजधानी लखनऊ में प्रदेश के मुख्य सचिव, DGP, गृह विभाग के प्रमुख सचिव तथा अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। पत्रकारों से बातचीत में आदित्यनाथ ने कहा कि प्रातः काल से ही श्रद्धालुजन स्नान कर सकें, इसके लिए यहां पर हम लोगों की उच्च स्तरीय बैठक चल रही है।

उन्होंने बताया, "प्रयागराज महाकुंभ में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ है। रात में एक से दो बजे के बीच अखाड़ा मार्ग पर जहां से अमृत स्नान की दृष्टि से बैरिकेड्स लगाए गए थे, उन बैरिकेड्स को फांदकर आने में कुछ श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हुए हैं। उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाकर इलाज की व्यवस्था की गई है। उनमें से कुछ श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हैं।"

मुख्यमंत्री ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुबह से ही लगभग चार बार फोन करके हाल-चाल लिया है। इसके अलावा गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा और प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी लगातार संपर्क में हैं तथा सभी के कुशलक्षेम और सकुशल स्नान करने के बारे में निरंतर जानकारी ले रहे हैं।"

उन्होंने कहा, "प्रयागराज में वर्तमान में हालात नियंत्रण में हैं लेकिन भीड़ का दबाव बहुत है। अखाड़ा परिषद से जुड़े हुए पदाधिकारियों के साथ मैंने खुद भी बातचीत की है। आचार्य, महामंडलेश्वरों और पूज्य संतों के साथ भी बातचीत हुई है और उन्होंने बड़ी ही विनम्रता के साथ कहा है कि श्रद्धालु जन पहले स्नान करेंगे और फिर जब उनका दबाव कुछ कम होगा और वे सकुशल वहां से निकल जाएंगे तब हम लोग स्नान करने के लिए संगम की तरफ जाएंगे।"

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