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असली और नकली बिसलेरी बोतल की कैसे करें पहचान? ये है बेहद सटीक आइडिया

Mineral Water: आज के दौर में बोतल बंद पानी का चलन आम हो चुका है। कॉलेज, ऑफिस की कैंटीन हो या फिर ट्रेन का सफर, हर जगह लोग अपनी प्यास बुझाने के लिए मिनरल वॉटर का ही इस्तेमाल करते हैं। आसानी से हर जगह मिल भी जाता है। लेकिन इन दिनों बाजार में ब्रांडेड कंपनियों के नाम से फर्जी बोतल बंद पानी भी बिकने लगा है, लिहाजा इसकी पहचान करना जरूरी है

Jitendra Singhअपडेटेड Jul 28, 2024 पर 4:38 PM
असली और नकली बिसलेरी बोतल की कैसे करें पहचान? ये है बेहद सटीक आइडिया
Mineral Water: नकली मिनरल वॉटर की पहचान करना बेहद जरूरी है। स्मार्टफोन से आप पहचान कर सकते हैं।

पानी हमारे जीवन का मुख्य आधार है। वह जितना महत्त्व रखता है, उतना ही महत्त्व पैकेज्ड पानी का बिजनेस भी रखता है। बोतलबंद पानी का बिजनेस इन दिनों खूब फल फूल रहा है। बिसलेरी से लेकर किनले जैसी कई कंपनियां देश में अपनी जगह बना चुकी हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस क्षेत्र में नामी और रजिस्टर्ड कंपनियों के अलावा भी कई ऐसी कंपनियां हैं जो नकली पानी का बिजनेस कर रही हैं। इससे लोगों की सेहत के साथ जमकर खिलवाड़ किया जा रहा है। हाल ही में मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक शख्स बोतलबंद पानी पीकर बीमार हो गया। नकली ब्रांड नेम से बिक रही उस बोतल में पुराना और इंफेक्टेड पानी था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शख्स ने जो पानी पिया था, वो असली ‘बिसलेरी’ का नहीं बल्कि उससे मिलते-जुलते नाम की नकली कंपनी का था। बाहर से देखने में दोनों के एक होने का भ्रम हो सकता था। हालांकि बोतल देखने में हूबहू असली ‘बिसलेरी’ जैसी दिख रही थी।

बोतल बंद पानी में कैसे होता है फर्जीवाड़ा?

बोतलों पर छपे ISI मार्क के कोड के जरिए असली और नकली पानी की पहचान की जा सकती है। 20 रुपये की बोतल खरीदते हैं, तो उस पर छपे IS-14543 कोड से आप यह जान सकते हैं कि वह पानी ठीक है या नहीं। यह तकनीक शायद पानी के बोतल के कवर को देखकर पता नहीं चलती, लेकिन यह बताया जा सकता है कि बोतल में बनाई गई है वह उचित है या नहीं। इसी तरह का कोड इस्तेमाल कर मार्केट में कई कंपनियां फर्जीवाड़ा कर रही है।

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