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'मुस्लिम लीग पूरी तरह से सेक्युलर पार्टी है', राहुल गांधी के बयान पर BJP बोली- मजबूर हैं कांग्रेस नेता

Rahul Gandhi in USA: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने अमेरिका के वॉशिंगटन में आयोजित एक कार्यक्रम में एक सवाल के जवाब में कहा कि मुस्लिम लीग पूरी तरह से सेक्‍युलर पार्टी है। मुस्लिम लीग के बारे में कुछ भी नॉन-सेक्‍युलर नहीं है। राहुल गांधी वाशिंगटन डीसी में नेशनल प्रेस क्लब पहुंचे थे, जहां उनसे केरल में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के साथ कांग्रेस के गठबंधन के बारे में सवाल किया गया था

Akhileshअपडेटेड Jun 02, 2023 पर 12:02 PM
'मुस्लिम लीग पूरी तरह से सेक्युलर पार्टी है', राहुल गांधी के बयान पर BJP बोली- मजबूर हैं कांग्रेस नेता
Rahul Gandhi in USA: केरल में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग कांग्रेस के नेतृत्व वाली UDF गठबंधन का हिस्सा है

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने अमेरिका के वॉशिंगटन में आयोजित एक कार्यक्रम में एक सवाल के जवाब में कहा कि मुस्लिम लीग (Muslim League) पूरी तरह से सेक्‍युलर पार्टी है। मुस्लिम लीग के बारे में कुछ भी नॉन-सेक्‍युलर नहीं है। राहुल गांधी वाशिंगटन डीसी में नेशनल प्रेस क्लब पहुंचे थे, जहां उनसे केरल में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के साथ कांग्रेस के गठबंधन के बारे में सवाल किया गया। इस पर राहुल गांधी ने कहा कि मुस्लिम लीग पूरी तरह से धर्मनिरपेक्ष यानी सेक्युलर पार्टी है। इसमें कुछ भी नॉन-सेक्युलर नहीं है।

राहुल गांधी ने कहा कि जिस व्यक्ति ने सवाल पूछा है वह उसने मुस्लिम लीग को पढ़ा ही नहीं है। वह गुरुवार को वाशिंगटन में नेशनल प्रेस क्लब में फ्री-व्हीलिंग बातचीत के दौरान पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे। बता दें कि केरल में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग कांग्रेस के नेतृत्व वाली UDF गठबंधन का हिस्सा है।

बीजेपी-कांग्रेस में जंग

राहुल गांधी के मुस्लिम लीग वाले बयान की भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने निंदा की है। बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने कहा, "मुस्लिम लीग को 'सेक्युलर पार्टी' कहना राहुल गांधी की मजबूरी है। अमित मालवीय ने ट्वीट कर रहा कि जिन्ना की मुस्लिम लीग, जो धार्मिक आधार पर भारत के विभाजन के लिए जिम्मेदार की पार्टी है। राहुल गांधी के अनुसार एक 'सेक्युलर' पार्टी है। राहुल गांधी भले ही कम पढ़े-लिखे हैं, लेकिन उनका बयान कपटी और कुटिल जैसा लगता है। वायनाड में स्वीकार्यता बनाए रखने के लिए यह उनकी मजबूरी है।"

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