NSE Colocation Scam : कौन हैं आनंद सुब्रमण्यन? क्या अरेस्ट हुआ NSE का अधिकारी ही था हिमालय का योगी?

Chitra Ramakrishnan ने भले ही आनंद सुब्रमण्यन के योगी होने से इनकार किया है, लेकिन कंसल्टैंसी फर्म E&Y ने अपने फॉरेंसिक ऑडिट में उन्हीं का नाम लिया है

अपडेटेड Feb 25, 2022 पर 11:47 AM
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आनंद सुब्रमण्यन (Anand Subramanian) पारिवारिक संबंधों के जरिए एनएसई की पूर्व सीईओ और एमडी (Chitra Ramakrishnan) चित्रा रामकृष्ण से संबंधित हैं

Anand Subramanian : केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई (CBI) ने 2010 और 2015 के बीच नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (N SE) की कोलोकेशन फैसिलिटी (colocation facility) में अनियमितताओं में लिप्तता के चलते एक्सचेंज के पूर्व ग्रुप ऑपरेटिंग ऑफिसर को गिरफ्तार कर लिया है। कोलोकेशन (colocation) विवाद में मुख्य आरोप यह है कि कुछ ब्रोकर्स को एक्सचेंज द्वारा प्रसारित प्राइस फीड्स तक अवैध रूप से जल्द पहुंच दी गई, जिससे उन्हें बाकी मार्केट की तुलना में फायदा पहुंचाया गया।

कौन हैं आनंद सुब्रमण्यन

आनंद सुब्रमण्यन (Anand Subramanian) पारिवारिक संबंधों के जरिए एनएसई की पूर्व सीईओ और एमडी (Chitra Ramakrishnan) चित्रा रामकृष्ण से संबंधित हैं। वह बॉमर लॉरी की एक सब्सिडियरी में 2013 तक मिड लेवल एग्जीक्यूटिव के रूप में काम कर रहे थे।


कैसे एनएसई में मिली जॉब

रामकृष्ण अप्रैल, 2013 में उनको एमडी के चीफ स्ट्रैटजिक एडवाइजर के रूप में लाई थीं।

उनकी नियुक्ति में क्या असामान्य था

इसके लिए एनएसई (NSE) के ह्यूमन रिसोर्स डिपार्टमेंट से सलाह नहीं ली गई। चीफ स्ट्रैटजिक एडवाइजर के पद के लिए विज्ञापन जारी नहीं किया गया, न ही इस पद के लिए किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर विचार किया गया। सुब्रमण्यन को सालाना 1.68 करोड़ रुपये के पैकेज का भुगतान किया गया, जो उनको पिछली नौकरी में मिल रहे सालाना 15 लाख रुपये से खासा ज्यादा था।

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नियुक्ति के लिए उनका इंटरव्यू सिर्फ रामकृष्ण ने लिया था। वर्षों तक सुब्रमण्यन के कमपंसेशन में मनमाने तरीके से बढ़ोतरी की गई। सुब्रमण्यन को एक कंसल्टैंट रहते हुए वित्त वर्ष 16 में 4.21 करोड़ रुपये का सालाना पैकेज मिला। यह कमपंसेशन एक्सचेंज के कई टॉप सीनियर एक्जीक्यूटिव्स को मिल रहे वेतन से ज्यादा था। उनकी सीनियरिटी के बावजूद सुब्रमण्यन को Key Management Personnel (KMP) नियुक्त नहीं किया गया।

क्यों खबरों में हैं सुब्रमण्यन

एनएसई की कोलोकेशन फैसिलटी (colocation facility) से जुड़ी जांच के दौरान, सेबी (SEBI) की जानकारी में ऐसे कई ईमेल आए, जिनमें रामकृष्ण ने एक्सचेंज से जुड़ा गोपनीय डाटा ईमेल आईडी- rigyajursama@outlook.com पर भेजे थे।

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पूछताछ पर रामकृष्ण ने कहा कि यह ईमेल आईडी एक सिद्ध पुरुष/ योगी की थी, जो ज्यादातर हिमालय की पहाड़ियों में रहते हैं। उन्होंने कहा कि वह आध्यात्मिक शक्ति हैं जो 20 साल से उनका मार्गदर्शन कर रहे हैं।

तो ईमेल आईडी rigjajursama@outlook.com के पीछे कौन है?

कंसल्टैंसी फर्म ईएंडवाई के एक फॉरेंसिक ऑडिट के मुताबिक, यह खुद आनंद सुब्रमण्यन थे, जो रामकृष्ण को निर्देश दे रहे थे।

ईवाई का निष्कर्ष इस फैक्ट पर आधारित था कि (1) सुब्रमण्यन के एनएसई डेस्कटॉप पर मिले "anand.subramanian9" और "sironmani.10" नाम के स्काइप अकाउंट स्काइप एप्लीकेशन डाटा के साथ कनफिगर थे और ईमेल आईडी 'rigyajursama@outlook.com' और सुब्रमण्यन के मोबाइल से लिंक थे, साथ ही (2) ईमेल आईडी rigyajursama@outlook.com से भेजे गए कुछ ईमेल्स में मौजूद डॉक्यूमेंट प्रॉपर्टीज से संकेत मिले कि ‘ऑथर’, ‘लास्ट मॉडिफाइड बाई’, ‘क्रिएटेड’ और ‘लास्ट मॉडिफाइड’ (तारीख/ समय) श्री सुब्रमण्यन के रूप में किया गया था।

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सुब्रमण्यन की क्या प्रतिक्रिया थी

सेबी के शो कॉज नोटिस के जवाब में सुब्रमण्यन ने कहा कि वह प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोलोकेशन ऑपरेशंस में पार्टी कभी नहीं थे। उन्हें कभी Key Management Personnel (KMP) नियुक्त नहीं किया गया और वह एक्सचेंज के नियमित संचालन और एक्सचेंज नियामकीय कामकाज में शामिल थे।

 

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