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घर छोड़कर भागने वाले कपल्स‌ के लिए हाईकोर्ट ने जारी की गाइडलाइन, जानें क्या कहा

पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने घर से भागे प्रेमी जोड़ों द्वारा सुरक्षा की मांग को लेकर एक गाइडलाइंस जारी की है। बेंच ने कहा है कि पुलिस और प्रशासन का दायित्व है कि वे कपल को सुरक्षित आश्रय और आवश्यक सुरक्षा प्रदान करें। आइए जानते हैं हाई कोर्ट ने इस मामले पर क्या कहा

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 02, 2025 पर 6:10 PM
घर छोड़कर भागने वाले कपल्स‌ के लिए हाईकोर्ट ने जारी की गाइडलाइन, जानें क्या कहा
कोर्ट ने घर से भागे प्रेमी जोड़ों द्वारा सुरक्षा की मांग को लेकर एक गाइडलाइंस जारी की है

घर से भागे प्रेमी जोड़े कोर्ट में पहुंचकर अक्सर अपने परिवार से सुरक्षा की गुहार लगाते हैं। इस मुद्दे पर ध्यान देते हुए पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने कुछ गाइडलाइंस जारी की हैं। पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में रोजाना लगभग 90 याचिकाएं घर से भागे प्रेमी जोड़ों द्वारा सुरक्षा की मांग को लेकर दायर की जाती हैं। इन मामलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए उच्च न्यायालय ने 12 गाइडलाइंस जारी की हैं ताकि पुलिस इन मामलों में प्रभावी कार्रवाई कर सके।

जस्टिस संदीप मुद्गिल की बेंच ने कहा कि इन गाइडलाइंस से अदालत का प्रतिदिन लगभग 4 घंटे का समय बच सकता है, जो ऐसी याचिकाओं की सुनवाई में लग जाता है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रेमी जोड़ों को सुरक्षा और आश्रय देना पुलिस और प्रशासन की जिम्मेदारी है।

न्यायालय ने क्या कहा

बेंच ने कहा कि संवैधानिक अदालतों का उद्देश्य नागरिकों को सुरक्षा प्रदान करना है। हालांकि, जब ऐसे मामले रोजाना बड़ी संख्या में अदालत में लाए जाते हैं तो यह उचित नहीं है। इससे अदालत का प्रतिदिन चार घंटे का समय बर्बाद होता है। न्यायालय ने आगे कहा कि पुलिस को ऐसे मामलों में तुरंत कदम उठाने चाहिए और कपल की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। ये प्रशासन और पुलिस की जिम्मेदारी है कि वह कपल को जरूरी सुरक्षा और शेल्टर प्रदान करें। अदालत ने इस बात पर भी जोर दिया कि न्यायालय का रुख तभी करना चाहिए जब अन्य सभी उपायों से कोई समाधान न मिले।

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