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क्या राज कुंद्रा ने ED की नजर से बचाने के​ लिए ₹38 करोड़ में शिल्पा शेट्टी को बेचा था मुंबई का फ्लैट?

ED ने हाल ही में शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा की करीब 98 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की है। कुर्क संपत्ति में अभी शिल्पा शेट्टी के नाम पर जुहू में एक रिहायशी फ्लैट, कुंद्रा के नाम पर पुणे में एक रिहायशी बंगला और इक्विटी शेयर शामिल हैं। दंपति के वकील का कहना है कि उसके क्लाइंट्स के खिलाफ प्रथम दृष्टया कोई केस नहीं बनता है और वे अथॉरिटीज के साथ सहयोग करेंगे

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Apr 20, 2024 पर 2:32 PM
क्या राज कुंद्रा ने ED की नजर से बचाने के​ लिए ₹38 करोड़ में शिल्पा शेट्टी को बेचा था मुंबई का फ्लैट?
राज कुंद्रा के पास अब भी 285 बिटकॉइन हैं, जिनकी कीमत अभी 150 करोड़ रुपये से अधिक है।

प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) ने हाल ही में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के सिलसिले में एक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी (Shilpa Shetty) और उनके पति राज कुंद्रा (Raj Kundra) के पुणे में एक बंगले और शेयर समेत 98 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की। मामला बिटकॉइन के इस्तेमाल के जरिए निवेशक निधि में धोखाधड़ी से जुड़ा है। एजेंसी ने एक बयान में बताया कि कुर्क संपत्ति में अभी शिल्पा शेट्टी के नाम पर जुहू (मुंबई) में एक रिहायशी फ्लैट, कुंद्रा के नाम पर पुणे में एक रिहायशी बंगला और इक्विटी शेयर शामिल हैं।

ऐसी खबर है कि ईडी के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जांच शुरू करने के बाद राज कुंद्रा ने कथित तौर पर साल 2022 में अपना 80 करोड़ रुपये का जुहू फ्लैट पत्नी शिल्पा को 38 करोड़ रुपये में बेच दिया था। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट में सोर्सेज के हवाले से कहा गया है कि जांच एजेंसी का मानना है कि संपत्ति की कुर्की से बचने के लिए यह शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा का इंटर्नल अरेंजमेंट था। ईडी मानता है कि कुंद्रा अभी भी फ्लैट के असली मालिक हैं। 97.79 करोड़ रुपये की संपत्तियों को जब्त करने के लिए प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के प्रावधानों के तहत एक अस्थायी कुर्की आदेश जारी किया गया।

राज कुंद्रा के खिलाफ कैसे निकला मनी लॉन्ड्रिंग का मामला

मनी लॉन्ड्रिंग का यह मामला वैरिएबल टेक प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी, दिवंगत अमित भारद्वाज, अजय भारद्वाज, विवेक भारद्वज, सिम्पी भारद्वाज, महेंद्र भारद्वाज और कई एजेंट्स के खिलाफ महाराष्ट्र पुलिस और दिल्ली पुलिस की प्राथमिकियों से निकला है। प्राथमिकियों में आरोप लगाया गया है कि इन लोगों ने बिटकॉइन के रूप में प्रति माह 10 प्रतिशत रिटर्न के झूठे वादे के साथ भोली-भाली जनता से बिटकॉइन (2017 में 6,600 करोड़ रुपये मूल्य) के रूप में भारी मात्रा में धनराशि इकट्ठी की थी।

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