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शीशे की तरह साफ है इस नदी का पानी, कई फीट नीचे पड़े पत्थर भी कांच जैसे चमकते हैं, दूर-दूर से लोग आते हैं देखने

Umangot River: मेघालय राज्य में एक ऐसी नदी है। जिसे सबसे साफ नदी का टैग मिला हुआ है। नदी में नाव पर सवारी करने पर ऐसा लगता है, जैसे कांच पर नाव चल रही हो। इस नदी का नाम उमंगोट नदी है। इसे डॉकी नदी भी कहा जाता है। इसमें कई फीट नीचे पड़े पत्थर भी बिल्कुल साफ दिखाई देते हैं

Jitendra Singhअपडेटेड Sep 26, 2024 पर 4:04 PM
शीशे की तरह साफ है इस नदी का पानी, कई फीट नीचे पड़े पत्थर भी कांच जैसे चमकते हैं, दूर-दूर से लोग आते हैं देखने
Umangot River: उंमगोट नदी मेघालय के तीन गांवों दावकी, दरंग और शेनांगगेंडेग से होकर बहती है।

देश में नदियों की सफाई पर सरकार हर साल करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। इसके बाद भी गंगा, यमुना जैसी भारत की कई बड़ी नदियों का हाल किसी से छिपा नहीं है। ऐसे में अगर नदियों की सफाई करना सीखना हो तो मेघालय से जरूर सीखना चाहिए। यहां की उमंगोट नदी (Umngot River) का पानी इतना साफ है कि कांच की तरह आर-पार देख सकते हैं। अंदर का पत्थर तक क्रिस्टल क्लियर नजर आता है। नदी में कई फीट नीचे पड़े हुए पत्थर भी एकदम साफ नजर आते हैं। इतना साफ पानी आपने कभी नहीं देखा होगा। इसे दुनिया की सबसे साफ नदी में गिना जाता है।

ये नदी मेघालय में है। नदी को साफ रखने की परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है। यह नदी मेघालय की राजधानी शिलांग से 95 किमी दूर भारत-बांग्लादेश सीमा के पास पूर्वी जयंतिया पहाडिय़ों में बहती है। यह राज्य के तीन गांवों दावकी, दरंग और शेनांगगेंडेग से होकर गुजरती है।

डॉकी नदी के नाम से भी है मशहूर

घने जंगलों से घिरी यह नदी अपने प्राकृतिक सौंदर्य के लिए भी मशहूर है। अपनी खूबसूरती के कारण यह नदी पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण का केंद्र बन गई है। स्थानीय लोग इस नदी को बेहद पवित्र मानते हैं। इसे साफ रखने के लिए हर संभव कोशिश करते रहते हैं। उमंगोट नदी का पानी आसपास के पहाड़ों से आता है। इन पहाड़ों की चट्टानें पानी को प्राकृतिक रूप से फिल्टर करती हैं। जिसकी वजह से पानी बिल्कुल साफ रहता है। इस क्षेत्र में औद्योगीकरण बहुत कम हुआ है। यहां के लोग नदी के पानी को प्रदूषित नहीं करते हैं। इसे डॉकी नदी भी कहा जाता है।

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