एडुटेक कंपनी अनएकेडमी (Unacademy) ने अपने एक शिक्षक करण सांगवान (Karan Sangwan) को कंपनी से निकाल दिया है। करण ने छात्रों से पढ़े-लिखे उम्मीदवारों के लिए वोट करने की अपील की थी। इसके बाद एडुटेक फर्म ने यह कहते हुए उन्हें निकाल दिया कि कक्षाएं व्यक्तिगत राय और विचार साझा करने की जगह नहीं है। इस मामले को लेकर अब सियासी पारा भी चढ़ गया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इसे लेकर आश्चर्य जताया है कि क्या लोगों से शिक्षित व्यक्ति को वोट देने के लिए कहना अपराध है। वहीं इसे लेकर अब अनइंस्टॉलअनएकेडमी का हैशटैग भी चल गया है।
