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शिक्षित नेताओं की पैरवी पर Unacademy से छुट्टी, सोशल मीडिया पर शुरू हुआ अनइंस्टॉल का हैशटैग

एडुटेक कंपनी अनएकेडमी (Unacademy) ने अपने एक शिक्षक करण सांगवान (Karan Sangwan) को कंपनी से निकाल दिया है। करण ने छात्रों से पढ़े-लिखे उम्मीदवारों के लिए वोट करने की अपील की थी। इसके बाद एडुटेक फर्म ने यह कहते हुए उन्हें निकाल दिया कि कक्षाएं व्यक्तिगत राय और विचार साझा करने की जगह नहीं है। इस मामले को लेकर अब सियासी पारा भी चढ़ गया है

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Aug 19, 2023 पर 9:35 AM
शिक्षित नेताओं की पैरवी पर Unacademy से छुट्टी, सोशल मीडिया पर शुरू हुआ अनइंस्टॉल का हैशटैग
Unacademy से निकाले जाने के बाद करण सांगवान ने अपना खुद का यूट्यूब चैनल शुरू किया है। उन्होंने ऐलान किया है कि वह 19 अगस्त को विवाद के बारे में अपना पक्ष रखेंगे।

एडुटेक कंपनी अनएकेडमी (Unacademy) ने अपने एक शिक्षक करण सांगवान (Karan Sangwan) को कंपनी से निकाल दिया है। करण ने छात्रों से पढ़े-लिखे उम्मीदवारों के लिए वोट करने की अपील की थी। इसके बाद एडुटेक फर्म ने यह कहते हुए उन्हें निकाल दिया कि कक्षाएं व्यक्तिगत राय और विचार साझा करने की जगह नहीं है। इस मामले को लेकर अब सियासी पारा भी चढ़ गया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इसे लेकर आश्चर्य जताया है कि क्या लोगों से शिक्षित व्यक्ति को वोट देने के लिए कहना अपराध है। वहीं इसे लेकर अब अनइंस्टॉलअनएकेडमी का हैशटैग भी चल गया है।

वहीं दूसरी तरफ अनएकेडमी के को-फाउंडर रोमन सैनी (Unacademy co-founder Roman Saini) का कहना है कि करण ने कांट्रैक्ट का उल्लंघन किया है तो ऐसे में कंपनी से उन्हें निकालना पड़ा। किसी भी कंपनी को ज्वॉइन करते समय एंप्लॉयी को एक कांट्रैक्ट पर साइन करना होता है जिसमें नियम-कायदों की पूरी सूची होती है।

Unacademy के Roman Saini का क्या कहना है

करण ने एक वीडियो में छात्रों से अगली बार से शिक्षित उम्मीदवारों के लिए ही वोट करने की अपील की थी। इस पर रोमन सैनी ने ट्वीट किया कि अनएकेडमी एक एडुकेशन प्लेटफॉर्म है जिसका कीम सिर्फ अच्छी शिक्षा देना है। इसे लेकर सभी शिक्षकों के लिए एक सख्त आचार संहिता यानी नियम-कायदा है ताकि स्टूडेंट्स तक बिना किसी भेदभाव के बेहतर ज्ञान पहुंच सके। रोमन सैनी ने लिखा कि हम जो कुछ भी करते हैं उसके केंद्र में हमारे स्टूडेंट्स होते हैं। कक्षा व्यक्तिगत राय और विचार साझा करने की जगह नहीं है क्योंकि इससे वे गलत तरीके से भी प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में जब करण सांगवान ने अपनी व्यक्तिगत राय साझा की तो उन्हें आचार संहिता के उल्लंघन में निकालना पड़ा।

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