9 बार फेल होने के बाद मिली सफलता, Vedanta के मालिक अनिल अग्रवाल का खुलासा

सफलता एक दिन में नहीं मिलती है। इसके अलावा सफल होने के लिए अंग्रेजी जानना बहुत जरूरी है, ऐसा भी नहीं है। यह मानना है वेदांता (Vedanta) के चेयरमैन अनिल अग्रवाल (Anil Agarwal) का। हाल ही में वह कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में स्टूडेंट्स को संबोधित करने गए थे। उन्होंने स्टूडेंट्स को सफलता का मंत्र दिया है। वहां उन्होंने यह भी बताया कि कारोबारी सफलता के लिए शुरुआती असफलता से घबराने की जरूरत नहीं है

अपडेटेड Jun 24, 2023 पर 2:02 PM
Story continues below Advertisement
Vedanta के मालिक अनिल अग्रवाल से जब कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स ने पूछा कि उन्होंने कंपनी कैसे बनाई और कैसे बड़े-बड़े सौदे हासिल किए तो उन्होंने इसका जवाब अपनी असफलताओं में बताया।

सफलता एक दिन में नहीं मिलती है। इसके अलावा सफल होने के लिए अंग्रेजी जानना बहुत जरूरी है, ऐसा भी नहीं है। यह मानना है वेदांता (Vedanta) के चेयरमैन अनिल अग्रवाल (Anil Agarwal) का। हाल ही में वह कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में स्टूडेंट्स को संबोधित करने गए थे। उन्होंने स्टूडेंट्स को जिंदगी में जिद्दी और बिना डर का होने की सलाह दी। इसके अलावा उन्होंने कहा कि जिंदगी में सफल होने के लिए अंग्रेजी में धाराप्रवाह होने की भी जरूरत नहीं है। वहां उन्होंने यह भी बताया कि कारोबारी सफलता के लिए शुरुआती असफलता से घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि उन्हें खुद ही पहली सफलता नौ कारोबार फेल होने और वर्षों के तनाव के बाद मिली थी।

अपने बचपन के दिनों को किया याद

कैंब्रिज यूनिवर्सिटी जाने के अपने अनुभव के बारे में अनिल अग्रवाल ने लिखा कि यह किसी सपने से कम नहीं था। वेदांता के मालिक के मुताबिक जो कभी कॉलेज नहीं गया, उसे कैंब्रिंज यूनिवर्सिटी बुलाया जाए और स्टूडेंट्स के साथ बातचीत का मौका मिले, यह किसी सपने से कम नहीं है।


अनिल अग्रवाल ने ट्विटर पर लिखा है कि कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में बच्चों ने उनसे बड़ी मुस्कान के साथ बातचीत की और उनसे हाथ भी मिलाया जबकि वह जब इन स्टूडेंट्स की उम्र के यानी करीब 20 वर्ष के थे तो वह बहुत शर्मीले थे, खुद को बेहतर तरीके से पेश नहीं कर पाते थे और टूटी-फूटी अंग्रेजी ही बोलने आती थी। अनिल ने कहा कि वे कैंब्रिज के बच्चों का आत्मविश्वास देखकर बहुत प्रभावित हैं।

Scam Alert: कोरियर कंपनी के नाम पर वसूली, जीरोधा के नितिन कामत ने बताया बचने का तरीका

स्टूडेंट्स की दी यह सलाह

अनिल अग्रवाल से जब स्टूडेंट्स ने पूछा कि उन्होंने कंपनी कैसे बनाई और कैसे बड़े-बड़े सौदे हासिल किए तो उन्होंने इसका जवाब अपनी असफलताओं में बताया। अनिल के मुताबिक जब वह युवा थे तो वह दूसरों को देखा करते थे और सोचते थे कि वह कम इस लेवल पर पहुंचेंगे। सबसे अहम तो उन्होंने यह बताया कि नौ कारोबार में फेल होने का बाद उनका पहला स्टार्टअप सफल हुआ था।

अनिल ने स्टूडेंट्स को सलाह दी है कि सबसे अहम चीज है कि कभी हार मत मानो। आपको डिग्री की जरूरत नहीं है, फैमिली बैकग्राउंड जरूरी नहीं है या अच्छी अंग्रेजी भी महत्वपूर्ण नहीं है। वेदांता के मालिक के मुताबिक ये चीजें मदद करती हैं लेकिन सबसे अधिक जरूरी जिद, बिना भय का होना है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।