Fedbank Financial Services IPO: घरेलू मार्केट में पहले से ही लिस्टेड और रेखा झुनझुनवाला (Rekha Jhunjhunwala) के पोर्टफोलियो में शामिल फेडरल बैंक की NBFC इकाई भी अब लिस्ट होने जा रही है। इसकी नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी (NBFC) इकाई फेडबैंक फाइनेंशियल सर्विसेज (Fedbank Financial Services) का आईपीओ बुधवार 22 नवंबर को खुलेगा। ग्रे मार्केट में बात करें तो इसके शेयर 8 रुपये यानी 5.71 फीसदी की GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) पर हैं। पिछले हफ्ते यह 10 रुपये पर था यानी ग्रे मार्केट में स्थिति थोड़ी कमजोर हुई है। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी के फंडामेंटल्स और फाइनेंशियल्स के आधार पर निवेश से जुड़ा फैसला लेना चाहिए।
Fedbank Financial Services IPO की डिटेल्स
सब्सक्रिप्शन के लिए फेडबैंक फाइनेंशियल सर्विसेज का 1092.26 करोड़ रुपये का आईपीओ 22 नवंबर से 24 नवंबर के बीच खुलेगा। इसमें 133-140 रुपये के प्राइस बैंड और 107 शेयरों के लॉट में बोली लगा सकेंगे। इश्यू का 50 फीसदी हिस्सा क्वालिफाईड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) के लिए 15 फीसदी और खुदरा निवेशकों के लिए 35 फीसदी हिस्सा आरक्षित है। आईपीओ की सफलता के बाद शेयरों का अलॉटमेंट 30 नवंबर को फाइनल होगा और बीएसई-एनएसई पर 5 दिसंबर को एंट्री होगी। इश्यू का रजिस्ट्रार लिंक इनटाइम है।
आईपीओ के तहत 600 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी होंगे। इसके अलावा 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले 3,51,61,723 शेयरों की ऑफर फॉर सेल (OFS) विंडो के तहत बिक्री होगी। नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल टियर-1 कैपिटल बेस को बढ़ाने और इश्यू से जुड़े खर्चों को भरने में होगा।
Fedbank Financial Services की डिटेल्स
MSME और स्वरोजगार करने वाले लोगों को लोन बांटने वाले फेडबैंक फाइनेंशियल सर्विसेज की मार्च तक के आंकड़ों के हिसाब से देश के 16 राज्यों और यूनियन टेरिटरीज के 191 जिलों में 575 ब्रांच हैं। इसकी सबसे दमदार मौजूदगी आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और राजस्थान में है। फेडबैंक के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रहा है। वित्त वर्ष 2021 में इसे 61.68 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो वित्त वर्ष 2022 में बढ़कर 103.46 करोड़ रुपये और फिर वित्त वर्ष 2023 में उछलकर 180.13 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
हालांकि इस दौरान कर्ज भी बढ़ा है। वित्त वर्ष 2021 में इस पर 4,328.09 करोड़ रुपये का कर्ज था जो वित्त वर्ष 2022 में बढ़कर 5,016.84 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2023 में 7,135.82 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इस वित्त वर्ष की बात करें तो जून तिमाही में इसे 53.88 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा हो चुका है लेकिन कर्ज भी बढ़कर 7,619.52 करोड़ रुपये पर पहुंच चुका है।