Udayshivakumar Infra IPO: सड़कें बनाने वाली दिग्गज कंपनी उदयशिवकुमार इंफ्रा का आईपीओ आज खुल गया है। 66 करोड़ रुपये के इस इश्यू में 23 मार्च तक पैसे लगा सकेंगे। ग्रे मार्केट में बात करें तो इसके शेयरों की हालत अच्छी दिख रही है 33-35 रुपये के प्राइस बैंड के अपर प्राइस के मुकाबले यह 13 रुपये की GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) पर ट्रेड हो रहा है। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी के फाइनेंशियल्स और फंडामेंटल्स के आधार पर निवेश का फैसला लेना चाहिए। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि इसमें हाई रिस्क वाले निवेशकों को ही पैसे लगाने चाहिए।
घरेलू ब्रोकरेज फर्म स्वास्तिस्क इनवेस्टमार्ट के मुताबिक सरकार का जोर इंफ्रास्ट्रक्चर को डेवलप करने और मॉडर्न करने पर है। कर्नाटक में उदयशिवकुनार इंफ्रा मजबूत स्थिति में है और इसका ऑर्डर बुक बहुत मजबूत है। पिछले तीन वित्त वर्षों में इसकी वित्तीय सेहत मिली-जुली रही। चूंकि इसकी मौजूदगी सिर्फ एक राज्य में है और यह मुख्य रूप से सरकारी प्रोजेक्ट्स के भरोसे है तो इसमें निवेश को लेकर रिस्क है। इसका आईपीओ बेहतर वैल्यूएशन पर है लेकिन ब्रोकरेज के मुताबिक चूंकि इसका आईपीओ बहुत छोटा है तो सिर्फ हाई रिस्क वाले निवेशकों को इसमें बोली लगानी चाहिए। हालांकि ब्रोकरेज ओवरऑल सेक्टर को लेकर बुलिश है।
Udayshivakumar Infra IPO की डिटेल्स
उदयशिवकुमार इंफ्रा का आईपीओ 20 मार्च से 23 मार्च तक खुला रहेगा। 66 करोड़ रुपये के इश्यू के तहत 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले 2 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी होंगे। आईपीओ में 33-35 रुपये के प्राइस बैंड और 428 शेयरों के लॉट में पैसे लगा सकते हैं। इसका 10 फीसदी हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बॉयर्स (QIB), 30 फीसदी नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) और 60 फीसदी खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित है।
इस इश्यू के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में किया जाएगा। आईपीओ की सफलता के बाद इसके शेयरों का अलॉटमेंट 28 मार्च को फाइनल होगा। शेयरों की बीएसई और एनएसई पर 3 अप्रैल 2023 को लिस्टिंग होगी। इश्यू के लिए रजिस्ट्रार MAS Services Limited है।
कंपनी के बारे में डिटेल्स
सड़कें बनाने वाली कंपनी उदयशिवकुमार इंफ्रा का कारोबार मुख्य रूप से कर्नाटक में फैला हुआ है। यह सड़कों के अलावा नहरों, पुलों और बिल्डिंग्स बनाने के प्रोजेक्ट्स लेती है। कंपनी के ग्रोथ की बात करें तो इसकी वेबसाइट पर मौजूद डिटेल्स के मुताबिक शुरू यानी वित्त वर्ष 1995-1996 में 10 लाख रुपये के टर्नओवर से अब वित्त वर्ष 2020-21 में यह 224.93 करोड़ रुपये के टर्नओवर पर पहुंच चुकी है।
कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2020 में इसे 10.49 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2021 में घटकर 9.32 करोड़ रुपये रह गया। हालांकि फिर यह पटरी पर लौटी और अगले ही वित्त वर्ष 2021-22 में इसे 12.15 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट हुआ। चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही अप्रैल-सितंबर 2022 में 10.02 करोड़ रुपये का मुनाफा हासिल हुआ था।