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Lok Sabha Elections 2024: 'अंहकार से ज्यादा जीत जरूरी' कांग्रेस ने गठबंधन में जिद्द छोड़ कर सपा और AAP को माना बड़ा भाई, ऐसा कैसे हो गया?

Lok Sabha Elections 2024: लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने समाजवादी पार्टी और AAP से गठबंधन तो कर लिया, लेकिन बड़ी बात ये रही है कि ग्रैंज ओल्ड पार्टी ने इस बार अपनी ईगो को साइड करते हुए जीत को ज्यादा अहम माना और गठबंधन में AAP और सपा को बड़े भाई का दर्जा दिया। सिर्फ यूपी ही नहीं, गुजरात, हरियाणा और दिल्ली में भी बात बन गई

Shubham Sharmaअपडेटेड Feb 22, 2024 पर 8:45 PM
Lok Sabha Elections 2024: 'अंहकार से ज्यादा जीत जरूरी' कांग्रेस ने गठबंधन में जिद्द छोड़ कर सपा और AAP को माना बड़ा भाई, ऐसा कैसे हो गया?
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Lok Sabha Elections 2024: आखिरकार विपक्ष के I.N.D.I.A. गुट के लिए एक राहत की बात ये रही कि एक तरफ समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) और कांग्रेस (Congress), दूसरी तरफ आम आदम पार्टी (AAP) और कांग्रेस के बीच गठबंधन हो गया। इस सब में जो एक बात सबसे अच्छी रही, वो ये कि ग्रैंड ओल्ड पार्टी ये समझ चुकी थी और मान चुकी थी कि इस बार उसे अपनी जिद्द छोड़नी होगी और थोड़ा नीचे भी झुकना पड़ेगा। कांग्रेस के इस रुख का पॉजिटिव असर भी दिखा और जहां अभी तक ये लग रहा था कि इंडिया गठबंधन बनने से पहले ही ढह गया, तो वहीं दिल्ली, उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेस, हरियाणा और असम जैसे राज्यों AAP और सपा के साथ उसका तालमेल बैठ गया।

आइए सबसे पहले एक नजर डालते हैं कि आखिर कैसे समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच बातचीत बनी। कांग्रेस और सपा के बीच तीन बैठकें हुईं, RLD ने भी साथ छोड़ दिया, तब जाकर कांग्रेस को ये समझ आया उसे नरम रुख अपनाना होगा और सहयोगियों के सामने झुकना भी।

अखिलेश यादव ने लगातार बनाए रखा कांग्रेस पर दबाव

ऐसा नहीं है कि अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने भी कांग्रेस को ये अहसास दिलाने की कोशिश नहीं की कि उसे झुकना होगा। इसका अंदाजा आप इससे ही लगा लीजिए कि बातचीत के दौरान भी सपा ने तीन लिस्ट में करीब 31 सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया और कांग्रेस पर दबाव बनाए रखा।

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