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Accretion Nutraveda IPO Listing: हर लॉट पर ₹71500 का मुनाफा, आयुर्वेदिक कंपनी के ₹129 के शेयरों का धमाल

Accretion Nutraveda IPO Listing: एक्रेशन टैबलेट्स, कैप्सूल्स, ओरल लिक्विड, पाउडर, तेल, बाम, क्रीम और जेल जैसे अलग-अलग डोज के रूप में आयुर्वेदिक और न्यूट्रास्यूटिकल प्रोडक्ट्स तैयार करती है। इसके आईपीओ के तहत सिर्फ नए शेयर जारी हुए हैं। चेक करें कंपनी की कारोबारी सेहत कैसी है और आईपीओ के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कंपनी कैसे करेगी?

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Feb 04, 2026 पर 4:19 PM
Accretion Nutraveda IPO Listing: हर लॉट पर ₹71500 का मुनाफा, आयुर्वेदिक कंपनी के ₹129 के शेयरों का धमाल
Accretion Nutraveda IPO Listing: एक्रेशन का ₹25 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 28-30 जनवरी तक खुला था। आज इसके शेयरों की लिस्टिंग हुई है।

Accretion Nutraveda IPO Listing: आयुर्वेदिक दवाइयां और बाम-जेल बनाने वाली एक्रेशन के शेयरों की आज BSE SME प्लेटफॉर्म पर धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को ओवरऑल 1.83 गुना बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹129 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹191.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 48.06% का लिस्टिंग गेन (Accretion Nutraveda Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े।

उछलकर यह ₹200.55 (Accretion Nutraveda Share Price) के अपर सर्किट पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक 55.43% मुनाफे में पहुंच गए। चूंकि एक लॉट 1000 शेयरों का था तो हर लॉट पर आईपीओ निवेशक ₹71500 के फायदे में पहुंच गए। हालांकि फिर मुनाफावसूली के दबाव में यह ₹190.50 पर आ गया और इसी पर बंद भी हुआ यानी कि पहले कारोबारी दिन की समाप्ति पर आईपीओ निवेशक 47.67% मुनाफे में हैं।

Accretion Nutraveda IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

एक्रेशन का ₹25 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 28-30 जनवरी तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 1.83 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 1.01 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 2.08 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 2.19 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 19.20 लाख नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹4.22 करोड़ मौजूदा मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में ऑटोमेशन के लिए मशीनरी की खरीदारी, ₹8.03 करोड़ नए मैन्युफैक्चरिंग सेटअप के लिए मशीनरी की खरीदारी, ₹5.50 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

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