Get App

फ्रंट रनिंग घोटाले में फंसी भारत की 3 कंपनियां, रिपोर्ट में लगे बड़े आरोप

व्हिसलब्लोअर की शिकायत के अनुसार, आरोप लगाया गया है कि बैंक ऑफ अमेरिका के एक संगठन से जुड़े निवेश बैंकरों ने भारत में बैंक द्वारा स्टॉक बिक्री की घोषणा से पहले निवेशकों के साथ लेन-देन की डिटेल्स शेयर की थीं। अनुमान है कि इसने निवेशकों को फ्रंट-रनिंग में शामिल होने में सक्षम बनाया

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Sep 08, 2024 पर 12:39 PM
फ्रंट रनिंग घोटाले में फंसी भारत की 3 कंपनियां, रिपोर्ट में लगे बड़े आरोप
रिपोर्ट में कहा गया है कि जून में व्हिसलब्लोअर की शिकायत के बाद बैंक ऑफ अमेरिका ने एक इंटर्नल जांच शुरू की है।

3 भारतीय कंपनियों- आदित्य बिड़ला सन लाइफ एएमसी, फर्स्टक्राय और पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस का नाम एक फ्रंट रनिंग घोटाले में उछला है। द वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट में व्हिसलब्लोअर के हवाले से कहा गया है कि ये तीनों कंपनियां, बैंक ऑफ अमेरिका के एक संगठन से जुड़े निवेश बैंकरों से संबंधित एक फ्रंट-रनिंग घोटाले में शामिल हैं। बैंक ऑफ अमेरिका द्वारा करोड़ों डॉलर के शेयर बेचने से पहले निवेशकों के साथ नॉन-पब्लिक इनफॉरमेशन शेयर की गई थी।

फ्रंट-रनिंग एक इलीगल प्रैक्टिस है। सार्वजनिक तौर पर ट्रेड करने वाले स्टॉक में किसी बड़ी बिक्री से पहले नॉन-पब्लिक जानकारी साझा करना कई देशों में अवैध है क्योंकि इससे प्राप्तकर्ता को ज्यादा फायदा हो सकता है। एडवांस में जानकारी रखने वाले निवेशक शेयरों की परफॉरमेंस पर “फ्रंट रन” दांव लगा सकते हैं और अगर बाजार की चाल पहले से लगाए गए अनुमान के अनुसार रही है तो मुनाफा कमा सकते हैं। यह प्रैक्टिस भारत में इलीगल है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि जून में व्हिसलब्लोअर की शिकायत के बाद बैंक ऑफ अमेरिका ने एक इंटर्नल जांच शुरू की है। लेकिन बैंक ऑफ अमेरिका के प्रवक्ता ने कहा है कि हम शिकायतों को गंभीरता से लेते हैं और उनकी जांच करते हैं। इस बार इन दावों का सपोर्ट करने के वाला कोई सबूत नहीं मिला है।

SEBI के साथ भी शेयर की गई थी शिकायत!

सब समाचार

+ और भी पढ़ें