Aeroflex Investment Strategy: होज कंपनी ऐरोफ्लेक्स (Aeroflex) के शेयरों ने आज 81 फीसदी का शानदार लिस्टिंग गेन दिया। हालांकि कमजोर मार्केट सेंटिमेंट में इसके शेयरों पर खासा दबाव दिखा और आईपीओ निवेशकों का मुनाफा दिन के आखिरी तक घटकर 51 फीसदी ही रह गया। अब आगे शेयरों की चाल कैसी रहेगी, इसे लेकर एनालिस्ट्स का रुझान मिला-जुला है। कुछ एनालिस्ट्स का मानना है कि अभी इसमें अच्छी तेजी दिख सकती है जबकि कुछ एनालिस्ट्स का मानना है कि अपने वैल्यूएशन के हिसाब से यह अपने भाव को हासिल कर चुकी है।
इसके शेयर 108 रुपये के भाव पर जारी हुए हैं और बीएसई पर इसकी एंट्री 197.40 रुपये पर हुई। दिन के आखिरी में यह 163.15 रुपये (Aeroflex Share Price) पर बंद हुआ है। यह आशीष कचोलिया (Ashish Kacholia) के पोर्टफोलियो में आईपीओ आने के पहले से ही है।
क्या है एनालिस्ट्स का रुझान
स्टॉक्सबॉक्स के रिसर्च एनालिस्ट पार्थ शाह ने निवेशकों को सलाह दी थी कि अलॉटमेंट मिलने पर इसे लॉन्ग टर्म तक के लिए होल्ड रखें। इसके अलावा पार्थ ने इसमें किसी भी गिरावट पर शेयरों की संख्या बढ़ाने की सलाह दी है। मेहता इक्विटीज के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (रिसर्च) प्रशांत तापसे ने लिस्टिंग पर मुनाफा बुक करने की सलाह दी थी और नए निवेशकों को अभी इंतजार करने की सलाह दी।
स्वास्तिस्क इनवेस्टमार्ट के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट प्रवेश गौड़ का कहना है कि कंपनी की आगे की स्ट्रैटजी प्रॉमिसिंग दिख रही है। इसने देश-विदेश में अपने कारोबारी विस्तार के लिए योजना तैयार की है और अपने प्रोडक्ट्स को बेहतर करने के लिए यह नई तकनीक में पैसे लगा रही है। ऐसे में प्रवेश का मानना है कि इससे कंपनी की लॉन्ग टर्म ग्रोथ और प्रॉफिटेबिलिटी को सपोर्ट मिलेगा। उन्होंने मीडियम से लॉन्ग टर्म के लिए पैसे लगाने वाले निवेशकों को होल्ड करने की सलाह दी है।
Aeroflex IPO को मिला था शानदार रिस्पांस
ऐरोफ्लेक्स के 351 करोड़ रुपये के आईपीओ शानदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल 97.11 गुना भरा था। खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित हिस्सा 34.41 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इस इश्यू के तहत 2 रुपये की फेस वैल्यू वाले 162 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कंपनी कर्ज चुकाने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों और इनऑर्गेनिक एक्विजिशन में करेगी।