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क्या कमोडिटी डेरिवेटिव्स में एफपीआई ट्रेडिंग को मंजूरी देने से बढ़ेगा बाजार में पैसे का फ्लो, जानिये क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स

सेबी के फैसले के बाद विदेशी निवेशक अब मेटल, एनर्जी और बुलियन कमोडिटीज में स्वतंत्र रूप से ट्रेडिंग कर सकेंगे और एमसीएक्स को इससे बड़ा फायदा होगा

MoneyControl Newsअपडेटेड Jun 30, 2022 पर 4:27 PM
क्या कमोडिटी डेरिवेटिव्स में एफपीआई ट्रेडिंग को मंजूरी देने से बढ़ेगा बाजार में पैसे का फ्लो, जानिये क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स
एफपीआई को मंजूरी मिलने से कुछ कम कारोबार वाले कॉन्ट्रैक्ट्स में अब अधिक निवेश आते हुए दिख सकते हैं

एनालिस्ट्स ने कहा कि सेबी (Securities and Exchange Board of India (Sebi) की मंजूरी के बाद भारत के मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (Multi Commodity Exchange (MCX) को विशेष रूप से और पूरे बाजार को कमोडिटी डेरिवेटिव्स में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (foreign portfolio investors (FPIs) द्वारा किये जाने वाले ट्रेड्स को हरी झंडी मिलने का फायदा मिलेगा।

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (Sebi) ने बुधवार को एफपीआई को सभी नॉन-एग्रीकल्चरल कमोडिटीज डेरिवेटिव्स और चुनिंदा नॉन-एग्रीकल्चरल बेंचमार्क इंडेक्सेस में ट्रेडिंग करने की मंजूरी दे दी। शुरुआत में एफपीआई को केवल कैश सेटलमेंट कॉन्ट्रैक्ट्स (cash-settled contracts) के लिए ही अनुमति दी जाएगी।

इसके पहले केवल जिन विदेशी निवेशकों के पास भौतिक रूप से इंडियन कमोडिटीज होती थी, केवल उन्हें अपने प्राइस रिस्क को हेज करने के लिए कमोडिटी डेरिवेटिव्स में ट्रेडिंग करने की अनुमति थी। अब इस सिस्टम को खत्म कर दिया गया है।

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