Diffusion Engineers IPO Listing: डिफ्यूजन इंजीनियर्स के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को ओवरऑल 114 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत 168 रुपये के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी 188.00 रुपये और NSE पर 193.50 रुपये पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को करीब 15 फीसदी का लिस्टिंग गेन (Diffusion Engineers Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर BSE पर यह 197.35 रुपये (Diffusion Engineers Share Price) के अपर सर्किट पर पहुंच गया और इसी पर बंद भी हुआ यानी कि पहले कारोबारी दिन की समाप्ति पर आईपीओ निवेशक 17.47 फीसदी मुनाफे में हैं। एंप्लॉयीज अधिक फायदे में हैं क्योंकि उन्हें हर शेयर 8 रुपये के डिस्काउंट पर मिला है।
Diffusion Engineers IPO को मिला था तगड़ा रिस्पांस
डिफ्यूजन इंजीनियर्स का ₹158.00 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 26-30 सितंबर तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 114.50 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 95.74 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 207.60 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 85.61 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 95.05 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले 94.05 लाख नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कंपनी मौजूदा मैनुफैक्चरिंग फैसिलिटी के विस्तार, नई मैनुफैक्चरिंग फैसिलिटी सेटअप करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
Diffusion Engineers के बारे में
वर्ष 1982 में बनी डिफ्यूजन इंजीनियर्स वेल्डिंग कंज्यूमेबल्, वियर प्लेट और पार्ट्स और हैवी मशीनरी बनाती है। इसके चार मैनुफैक्चरिंग यूनिट्स हैं जिसमें से तीन तो नागपुर इंडस्ट्रियल एरिया में हैं और एक नागपुर के ही खापरी में ही हैं। कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022 में इसे 17.05 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2023 में उछलकर 22.15 करोड़ रुपये और फिर वित्त वर्ष 2024 में 30.8 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू सालाना करीब 17 फीसदी की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर 285.56 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।