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भारतीय शेयरों में FPI की सेलिंग थमी, फरवरी के पहले हफ्ते में लगाए ₹8100 करोड़; किन कारणों से बने बायर

FPI's Buying in February: इससे पहले विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने जनवरी में इंडियन इक्विटी मार्केट से 35,962 करोड़ रुपये, दिसंबर में 22,611 करोड़ रुपये और नवंबर में 3,765 करोड़ रुपये निकाले थे। FPI ने 6 फरवरी 2026 तक शेयर बाजार में 8,129 करोड़ रुपये का निवेश किया है

Edited By: Ritika Singhअपडेटेड Feb 08, 2026 पर 1:35 PM
भारतीय शेयरों में FPI की सेलिंग थमी, फरवरी के पहले हफ्ते में लगाए ₹8100 करोड़; किन कारणों से बने बायर
FPI ने कुल मिलाकर 2025 में भारतीय इक्विटी से शुद्ध 1.66 लाख करोड़ रुपये निकाले थे।

लगातार 3 महीनों की भारी बिकवाली के बाद विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) फरवरी के पहले सप्ताह में शुद्ध खरीदार बन गए हैं। रिस्क सेंटिमेंट के बेहतर होने और अमेरिका के साथ व्यापार समझौते के कारण उन्होंने भारतीय इक्विटी में 8,100 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है। डिपॉजिटरी के आंकड़ों के अनुसार इससे पहले FPI ने जनवरी में इंडियन इक्विटी मार्केट से 35,962 करोड़ रुपये, दिसंबर में 22,611 करोड़ रुपये और नवंबर में 3,765 करोड़ रुपये निकाले थे।

FPI ने कुल मिलाकर 2025 में भारतीय इक्विटी से शुद्ध 1.66 लाख करोड़ रुपये निकाले थे। यह सेलिंग करेंसी में उतार-चढ़ाव, वैश्विक व्यापार को लेकर तनाव, अमेरिकी टैरिफ को लेकर चिंता और इक्विटी की हाई वैल्यूएशन के कारण हुई थी। आंकड़ों के मुताबिक FPI ने 6 फरवरी 2026 तक भारतीय शेयर बाजार में 8,129 करोड़ रुपये का निवेश किया है।

एक्सपर्ट्स की क्या है राय

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, मॉर्निंगस्टार इनवेस्टमेंट रिसर्च इंडिया के प्रिंसिपल मैनेजर (रिसर्च) हिमांशु श्रीवास्तव का कहना है कि FPI की हालिया खरीदारी, जोखिम लेने की बढ़ती क्षमता और भारत के ग्रोथ आउटलुक में नए भरोसे को दर्शाती है। इस सेंटिमेंट को ग्लोबल अनिश्चितताओं में कमी, घरेलू ब्याज दर को लेकर उम्मीदों में स्थिरता, भारत-अमेरिका व्यापार और पॉलिसी डेवलपमेंट को लेकर आशावाद से सपोर्ट मिला।

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