निजी अस्पतालों से भारत के कोविड -19 टीकाकरण अभियान में एक प्रमुख भूमिका निभाने की उम्मीद थी लेकिन सरकार के मुफ्त टीकाकरण अभियान ने उनकी भूमिका को बेअसर कर दिया। अब उनमें से कई को राज्य सरकारों को उपयोग नहीं किये गये टीके वापस करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। अन्य अपने स्टॉक को क्लियर करने और घाटे में कटौती करने के लिए छूट या सर्विस चार्ज माफ करने की योजना चला रहे हैं।
