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HSBC ने भारत के लिए रेटिंग घटाकर की "अंडरवेट", एक महीने में दूसरी बार कटौती; महंगे तेल ने ग्रोथ के लिए बढ़ाए जोखिम

HSBC का अनुमान है कि जून और सितंबर तिमाही के ज्यादातर समय में तेल और गैस बाजार तंग बने रहेंगे। घरेलू इक्विटी वैल्यूएशंस अपने उच्चतम स्तर से नीचे आए हैं। लेकिन जैसे-जैसे कमाई के अनुमानों में कटौती की खबरें सामने आएंगी, वे फिर से महंगे लग सकते हैं

Edited By: Ritika Singhअपडेटेड Apr 23, 2026 पर 12:35 PM
HSBC ने भारत के लिए रेटिंग घटाकर की "अंडरवेट", एक महीने में दूसरी बार कटौती; महंगे तेल ने ग्रोथ के लिए बढ़ाए जोखिम
एनर्जी की तेजी से बढ़ती कीमतें भारत की कमाई में सुधार की स्थिरता के लिए खतरा बन सकती हैं।

HSBC ने इंडियन इक्विटीज की रेटिंग को "न्यूट्रल" से घटाकर "अंडरवेट" कर दिया है। ब्रोकरेज ने एक महीने से भी कम समय में दूसरी बार रेटिंग घटाई है। रॉयटर्स के मुताबिक, HSBC को लगता है कि मध्य पूर्व में अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण एनर्जी की तेजी से बढ़ती कीमतें भारत की कमाई में सुधार की स्थिरता के लिए खतरा बन सकती हैं। इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग 28 फरवरी 2026 को शुरू हुई थी। ​तब से ब्रेंट क्रूड का भाव 42 प्रतिशत चढ़ गया है और अभी 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर ट्रेड कर रहा है। इससे भारत के लिए महंगाई और विकास के जोखिम बढ़ गए हैं।

HSBC ने गुरुवार को एक नोट में कहा कि मौजूदा मैक्रो माहौल में भारत अब उत्तर-पूर्वी एशियाई देशों की तुलना में कम आकर्षक लग रहा है। बेंचमार्क निफ्टी 50 और सेंसेक्स इस साल अब तक 6.7 प्रतिशत और 7.9 प्रतिशत गिर चुके हैं। लिहाजा दुनिया भर में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले बाजारों में शामिल हो गए हैं।

जून और सितंबर तिमाही में ज्यादातर समय तेल और गैस बाजार रहेंगे तंग

रॉयटर्स के मुताबिक, HSBC का अनुमान है कि जून और सितंबर तिमाही के ज्यादातर समय में तेल और गैस बाजार तंग बने रहेंगे। इसके चलते 2026 के लिए आम सहमति से कमाई के अनुमानों को कम किया जा सकता है। अभी कमाई सालाना आधार पर 16 प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद है। कच्चे तेल की कीमतों में 20 प्रतिशत की वृद्धि से अर्निंग्स ग्रोथ में 1.5 प्रतिशत की कमी आ सकती है। ब्रोकरेज ने कहा कि घरेलू इक्विटी वैल्यूएशंस अपने उच्चतम स्तर से नीचे आए हैं। लेकिन जैसे-जैसे कमाई के अनुमानों में कटौती की खबरें सामने आएंगी, वे फिर से महंगे लग सकते हैं।

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