ऑटो पार्ट्स बनाने वाली दिग्गज कंपनी जेबीएम ऑटो (JBM Auto) के शेयरों की लगातार सात दिनों की तेजी आज थम गई। इसके शेयर सात दिन में करीब 48 फीसदी उछल गए। इसके बाद आज निवेशकों ने मुनाफावसूली की तो यह धड़ाम से गिर गया। बीएसई पर आज यह करीब 15 फीसदी टूटकर 1272.05 रुपये तक आ गया। आज की गिरावट से पहले इस वित्त वर्ष जेबीएम ऑटो के शेयर करीब 132 फीसदी मजबूत हुए थे। फिलहाल बीएसई पर यह 11.88 फीसदी की गिरावट के साथ 1315.70 रुपये (JBM Auto Share Price) पर ट्रेड हो रहे हैं। यह शेयर एक्सचेंजों की अतिरिक्त निगरानी वाले एडीशनल सर्विलांस मेजर (ASM) के लॉन्ग टर्म के पहले स्टेज में है।
अब आगे इससे तय हो सकती है शेयरों की चाल
तेजी का रुझान क्यों था आज के पहले
पिछले महीने कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में जानकारी दी थी कि कंपनी के प्रमोटर निशांत आर्या ने इसकी ईवी बस सब्सिडियरी जेबीएम इकोलाईफ मोबिलिटी प्राइवेट में निवेश किया है। इस निवेश पर प्रमोटर को सब्सिडियरी में 17 फीसदी की हिस्सेदारी मिली। फिर जेबीएम ऑटो की इस सब्सिडियरी में 83 फीसदी और निशांत आर्या की 17 फीसदी हिस्सेदारी हो गई। इस निवेश से यह तय हो गया कि कंपनी की आगे की ग्रोथ में इस सब्सिडियरी की अहम भूमिका होने वाली है। ऐसे में पिछले हफ्ते बुधवार को 28 जून को यह इंट्रा-डे में 17 फीसदी से अधिक उछल गया था और दिन के आखिरी में भी करीब 13 फीसदी की बढ़त के साथ बंद हुआ था।
इस बस सब्सिडियरी की बात करें तो कंपनी इसे लेकर काफी महत्वाकांक्षी है और इस वित्त वर्ष 2024 में इसका रेवेन्यू तीन गुना करने का लक्ष्य रखा है और इसके लिए सेल्स वॉल्यूम करीब 10 गुना बढ़ेगा। पिछले वित्त वर्ष जेबीएम ऑटो ने 500 बसों की डिलीवरी की थी और अब इसका लक्ष्य इस वित्त वर्ष में यह आंकड़ा 5 हजार बसों तक ले जाने की है।