HSBC के बाद अब जेपी मॉर्गन ने भी भारतीय इक्विटीज की रेटिंग घटा दी है। इसे "ओवरवेट" से कम करके "न्यूट्रल" कर दिया है। इसके पीछे अन्य उभरते बाजारों के मुकाबले भारतीय इक्विटीज की ज्यादा वैल्यूएशन और अमेरिका-ईरान युद्ध से जुड़े ऊर्जा आपूर्ति संकट के कारण कमाई पर पड़ रहे दबाव का हवाला दिया गया है। रॉयटर्स के मुताबिक, ब्रोकरेज फर्म ने एक नोट में कहा कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भारत में महंगाई और आर्थिक विकास के जोखिमों को बढ़ा सकती हैं, खपत को कम कर सकती हैं और निकट भविष्य में कंपनियों के मार्जिन पर दबाव डाल सकती हैं। वहीं कमजोर होता रुपया इस दबाव को और बढ़ा रहा है।
