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Market Outlook : भारी उठापटक के बाद सपाट बंद हुआ बाजार, जानिए 9 मई को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market Outlook:सरकारी कंपनियों में अच्छी रिकवरी आई। निफ्टी PSE इंडेक्स आज करीब 1 फीसदी चढ़ा है। निफ्टी PSU बैंक इंडेक्स करीब 1.5 फीसदी ऊपर बंद हुआ है। आज सेंसेक्स के 30 में से 15 शेयरों में खरीदारी रही। निफ्टी के 50 में से 26 शेयरों में खरीदारी रही। बैंक निफ्टी के 12 में से 7 शेयरों में बिकवाली रही

MoneyControl Newsअपडेटेड May 08, 2024 पर 8:12 PM
Market Outlook : भारी उठापटक के बाद सपाट बंद हुआ बाजार, जानिए 9 मई को कैसी रह सकती है इसकी चाल
विदेशी फंडों की निकासी में कोई रुकावट नहीं आई। इसके अलावा चालू नतीजों के मौसम में कोई बड़ा पॉजिटिव देखने को नहीं मिला है। जिससे निवेशक सतर्क हो गए हैं

Market Outlook : आज भी बाजार में गिरावट हावी रही। शुरुआती गिरावट के बाद निचले स्तर से हल्की रिकवरी रही मगर बाजार गिरावट पर बंद हुआ। सेंसेक्स 45 अंक गिरकर 73466 पर बंद हुआ वहीं निफ्टी बिना बदलाव के 22305 पर बंद हुआ। आज सबसे ज्यादा खरीदारी पावर और ऑटो शेयरों में रही। वहीं बैंकिंग, रियल्टी शेयरों में मुनाफावसूली देखने को मिली। कंज्यूमर गुड्स, तेल-गैस, मेटल शेयरों में तेजी रही। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में रिकवरी देखने को मिली। सरकारी कंपनियों में अच्छी रिकवरी आई। निफ्टी PSE इंडेक्स आज करीब 1 फीसदी चढ़ा है। निफ्टी PSU बैंक इंडेक्स करीब 1.5 फीसदी ऊपर बंद हुआ है। इसके बावजूद बैंक निफ्टी 264 अंक गिरकर 48,021 पर बंद हुआ है। मिडकैप 362 अंक गिरकर 50,036 पर बंद हुआ है।

आज सेंसेक्स के 30 में से 15 शेयरों में खरीदारी रही। निफ्टी के 50 में से 26 शेयरों में खरीदारी रही। बैंक निफ्टी के 12 में से 7 शेयरों में बिकवाली रही। डॉलर के मुकाबले रुपया आज 1 पैसे कमजोर होकर 83.52 रुपए प्रति डॉलर के स्तर पर बंद हुआ है।

9 मई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

मेहता इक्विटीज के प्रशांत तापसे का कहना है कि किसी नए पॉजिटिव ट्रिगर के अभाव के कारण निवेशकों ने सतर्क नजरिया अपनाया। बैंकिंग और आईटी के चुनिंदा शेयरों में मुनाफावसूली के साथ बाजार नकारात्मक रुझान के साथ सपाट बंद हुआ। यूरोपीय बाजार के मजबूत संकेत भी बाजार को सपोर्ट नहीं दे सके। विदेशी फंडों की निकासी में कोई रुकावट नहीं आई। इसके अलावा चालू नतीजों के मौसम में कोई बड़ा पॉजिटिव देखने को नहीं मिला है। जिससे निवेशक सतर्क हो गए हैं। इसके अलावा, चुनावी मौसम होने के कारण कोई भी लंबा दांव नहीं खेलना चाहता। इससे भी बाजार पर दबाव बना है।

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