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म्यूचुअल फंड्स ने फरवरी में अब तक बेचे ₹4100 करोड़ के स्टॉक, 3 साल में पहली बार बने नेट सेलर

म्यूचुअल फंड्स कुछ अंडरपरफॉर्मिंग स्टॉक्स से बाहर निकल रहे हैं और बेहतर क्वालिटी वाले नामों, खासकर लार्ज-कैप सेगमेंट में कैपिटल को रीएलोकेट कर रहे हैं। एक्सपर्ट्स ने कहा कि इक्विटी बेचने का संबंध इंडेक्स रीबैलेंसिंग से भी हो सकता है

Edited By: Ritika Singhअपडेटेड Feb 16, 2026 पर 8:44 AM
म्यूचुअल फंड्स ने फरवरी में अब तक बेचे ₹4100 करोड़ के स्टॉक, 3 साल में पहली बार बने नेट सेलर
MF ने जनवरी 2026 में 42,355 करोड़ रुपये के इक्विटी शेयर खरीदे थे।

म्यूचुअल फंड्स 3 साल में पहली बार भारतीय इक्विटी में नेट सेलर बन गए हैं। उन्होंने फरवरी में अब तक लगभग 4,100 करोड़ रुपये के स्टॉक बेचे हैं। म्यूचुअल फंड्स ने आखिरी बार सेलिंग अप्रैल 2023 में की थी। उस वक्त उन्होंने 4,532 करोड़ रुपये से ज्यादा के शेयर बेचे थे। MF ने जनवरी 2026 में 42,355 करोड़ रुपये के इक्विटी शेयर खरीदे। उन्होंने 2025 के दौरान भारतीय इक्विटी में लगभग 4.93 लाख करोड़ रुपये लगाए।

DRChoksey FinServ के मैनेजिंग डायरेक्टर देवेन चोकसी का कहना है कि हालिया सेलिंग रिडेंप्शन प्रेशर के बजाय पोर्टफोलियो की रीपोजिशनिंग को दिखाती है। म्यूचुअल फंड्स कुछ अंडरपरफॉर्मिंग स्टॉक्स से बाहर निकल रहे हैं और बेहतर क्वालिटी वाले नामों, खासकर लार्ज-कैप सेगमेंट में कैपिटल को रीएलोकेट कर रहे हैं। अभी रिडेंप्शन प्रेशर का कोई संकेत नहीं है, SIP इनफ्लो जारी है, और यह एक्टिविटी पोर्टफोलियो में बदलाव और प्रॉफिट बुकिंग से जुड़ी हुई लगती है।

आनंद राठी वेल्थ के डिप्टी चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर फिरोज अजीज ने कहा कि बेचने के स्केल को डिसाइडिंग नहीं माना जाना चाहिए। लगभग 40 लाख करोड़ रुपये मैनेज करने वाली इंडस्ट्री में 4,100 करोड़ रुपये की सेलिंग काफी कम है। यह कुछ स्कीम्स या एसेट मैनेजमेंट कंपनियों के एक्शन को दर्शा सकती है।

इंडेक्स रीबैलेंसिंग से भी हो सकता है नाता

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