Get App

NBFC बिजनेस बढ़ाने के लिए नियमों की अनदेखी कर रहीं, एंप्लॉयीज पर भी बढ़ रहा काम का दवाब

RBI के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि कई NBFC रिस्क मैनेजमेंट का ध्यान नहीं रख रही हैं। साथ ही उनका बिजनेस मॉडल भी टिकाऊ नहीं हैं। उन्होंने कहा कि एनबीएफसी सेक्टर की सेहत ठीक है। लेकिन, कुछ ऐसी चीजें हैं जिन पर फौरन ध्यान देना जरूरी है

MoneyControl Newsअपडेटेड Oct 09, 2024 पर 6:28 PM
NBFC बिजनेस बढ़ाने के लिए नियमों की अनदेखी कर रहीं, एंप्लॉयीज पर भी बढ़ रहा काम का दवाब
छोटे-बड़े एनबीएफसी रिटर्न ऑन इक्विटी बढ़ाने के लिए ऐसे बिजनेस टारगेट रख रहे हैं, जिन्हें पूरा करना बहुत मुश्किल है।

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने 9 अक्टूबर को मॉनेटरी पॉलिसी पेश की। इसमें उन्होंने कई इकोनॉमी की सेहत और बैकिंग-एनबीएफसी सेक्टर के बारे में कई बातें कहीं। लेकिन, एनबीएफसी सेक्टर के बारे में उन्होंने कुछ खास बातें कही। उन्होंने फाइनेंशियल इनक्लूजन की एनबीएफसी कंपनियों की कोशिशों का उल्लेख किया। लेकिन, ग्रोथ के लिए आक्रामक रुख को लेकर उन्होंने एनबीएफसी को सावधान भी किया।

बिजनेस बढ़ाने के लिए नियमों की हो रही अनदेखी

दास ने कहा कि कई NBFC रिस्क मैनेजमेंट का ध्यान नहीं रख रही हैं। साथ ही उनका बिजनेस मॉडल भी टिकाऊ नहीं हैं। उन्होंने कहा कि एनबीएफसी सेक्टर की सेहत ठीक है। लेकिन, कुछ ऐसी चीजें हैं जिन पर ध्यान देना जरूरी है। पिछले कुछ सालों में एनबीएफसी सेक्टर की ग्रोथ अच्छी रही है। लेकिन, बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए इनके बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा दिख रही है। एनबीएफसी में माइक्रो फाइनेंस इंस्टीट्यूशंस (MFI) और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां (HFC) शामिल हैं।

एंप्लॉयीज पर भी बढ़ रहा वर्क प्रेशर

सब समाचार

+ और भी पढ़ें