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निफ्टी रियल्टी इंडेक्स पिछले एक महीने में 6% भागा, एक्सपर्ट्स से जानिए क्या अभी और बाकी है दम

Realty Stocks : आनंद राठी ग्रुप के एसोसिएट डायरेक्टर और प्राइवेट क्लाइंट बिजनेस के हेड राजेश कुमार जैन को ओबेरॉय रियल्टी और प्रेस्टीज एस्टेट निवेश के नजरिए से पसंद हैं। राजेश कुमार जैन का कहना है कि उन्हें नहीं लगता कि उच्च ब्याज दरें रियल एस्टेट की मांग को कम कर सकती हैं। घर खरीदना एक भावनात्मक निर्णय है। ऐसे में होम लोन की दरें 1.5-2 फीसदी बढ़ने से घर खरीदने के उपभोक्ता के फैसले पर कोई खास असर नहीं होता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Sep 29, 2023 पर 6:13 PM
निफ्टी रियल्टी इंडेक्स पिछले एक महीने में 6% भागा, एक्सपर्ट्स से जानिए क्या अभी और बाकी है दम
Realty Stocks : मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज को भी रियल्टी सेक्टर की बिक्री में बढ़त की उम्मीद है। ब्रोकरेज हाउस का कहना है कि आने वाले समय में रियल्टी सेक्टर की बिक्री में 5-10 फीसदी का इजाफा होगा

Realty Stocks : प्रॉपर्टी मार्केट की तेजी और बड़े घरों की बढ़ती मांग के कारण निफ्टी रियल्टी इंडेक्स में पिछले एक महीने में 6 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है। इस अवधि में निफ्टी रियल्टी इंडेक्स टॉप परफार्मर बनकर उभरा है। तुलनात्मक रुप से देखें तो पिछले एक महीने में निफ्टी ऑटो, मेटल, एफएमसीजी, आईटी, इंफ्रास्ट्रक्चर और एनर्जी जैसे दूसरे सेक्टोरल इंडेक्स में सिर्फ 0.08-4 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई है। बाजार जानकारों का कहना है कि रियल्टी सेक्टर के आउटपरफार्मेंस के आगे भी जारी रहने की उम्मीद है।

शेयरखान के गौरव दुआ का कहना है कि बाजार आगे की ओर देखकर चलता है। हम इस समय इंटरेस्ट रेट अप-साइकिल के चरम पर हैं। हमें उम्मीद है कि रियल एस्टेट सेक्टर इस वित्तीय वर्ष की दूसरी छमाही में दूसरे अहम इंडेक्सों से बेहतर प्रदर्शन करेगा क्योंकि अगले 12-14 महीनों में दरों में कटौती की उम्मीद है।

गौरव दुआ ने आगे कहा कि वे लार्ज-कैप में मैक्रोटेक डेवलपर्स और डीएलएफ पर पॉजिटिव नजरिया रखते हैं। उन्होंने ये भी कहा कि शॉर्ट के नजरिए से मिड-कैप रियल्टी स्पेस में उन्हे सनटेक रियल्टी, कोल्टे पाटिल डेवलपर्स और सोभा रियल्टी अच्छे लग रहे हैं।

दूसरी ओर, आनंद राठी ग्रुप के एसोसिएट डायरेक्टर और प्राइवेट क्लाइंट बिजनेस के हेड राजेश कुमार जैन को ओबेरॉय रियल्टी और प्रेस्टीज एस्टेट निवेश के नजरिए से पसंद हैं। राजेश कुमार जैन का कहना है कि उन्हें नहीं लगता कि उच्च ब्याज दरें रियल एस्टेट की मांग को कम कर सकती हैं। घर खरीदना एक भावनात्मक निर्णय है। ऐसे में होम लोन की दरें 1.5-2 फीसदी बढ़ने से घर खरीदने के उपभोक्ता के फैसले पर कोई खास असर नहीं होता है।

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