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बाजार में अब आसानी से नहीं बनेगा पैसा, कंपनियों की रेवेन्यू ग्रोथ GDP से नीचे रहने से हो रही चिंता

Market Biggest Fear : पंकज ने कहा कि दूसरी तिमाही में नतीजे खराब रहे। अगर एनएसई 500 कंपनियों के नतीजों पर नजर डालें तो पता चलता है कि इनकी रेवेन्यू ग्रोथ करीब 7-8 फीसदी के आसपास ही रही है। यह ऐसी लगातार 5वीं तिमाही है जिसमें रेवेन्यू ग्रोथ नॉमिनल 10-11 फीसदी की नॉमिनल जीडीपी ग्रोथ से म रही है

MoneyControl Newsअपडेटेड Nov 18, 2024 पर 12:22 PM
बाजार में अब आसानी से नहीं बनेगा पैसा, कंपनियों की रेवेन्यू ग्रोथ GDP से नीचे रहने से हो रही चिंता
पंकज ने कहा कि आने वाले समय में लोगों को पता चलेगा की भाग्य और स्किल को बीच में क्या फर्क होता है। अब आगे स्किल ही पैसा बनाएगा भाग्य से पैसा नहीं बनेगा

बाजार में आज लगातार 7वें दिन बिकवाली का दबाव देखने को मिल रहा है। निफ्टी करीब 100 अंक गिरकर 23400 के करीब कारोबार कर रहा है। हालांकि बैंक निफ्टी में हल्की बढ़त है। आज स्मॉलकैप शेयरों में दबाव ज्यादा है। फीयर इंडेक्स INDIA VIX 6 फीसदी से ज्यादा उछला है। ऐसे में मार्केट फंडामेंटल पर चर्चा के लिए आज IKIGAI Asset Manager के फाउंडर & CIO पंकज टिबरेवाल जुड़े। उन्होंने कहा कि आगे आने वाले 12-18 महीनों में बाजार में सुस्ती रहेगी। पिछले तीन साल की जो ईजी मनी थी उसे अब भूल जाएं। अगले 12-18 महीने ये रैली नैरो होती जाएगी और सिर्फ चुनिंदा सेक्टर्स और स्टॉक्स ही चलेंगे। इस समय 2018-19 की याद आ रही है जब इंडेक्स लेवल नहीं गिरा था लेकिन स्टॉक की एक्रॉस द बोर्ड काफी धुलाई हुई थी। आगे हमें कुछ ऐसा ही देखने को मिल सकता है।

पंकज ने आगे कहा कि दूसरी तिमाही में नतीजे काफी खराब थे। बाजार में करेक्शन के लिए यह एक बड़ी वजह रही। अगर एनएसई 500 कंपनियों के नतीजों पर नजर डालें तो पता चलता है कि इनकी रेवेन्यू ग्रोथ करीब 7-8 फीसदी के आसपास ही रही है। यह ऐसी लगातार 5वीं तिमाही है जिसमें रेवेन्यू ग्रोथ नॉमिनल 10-11 फीसदी की नॉमिनल जीडीपी ग्रोथ से कम रही है। ये चिंता का विषय है। अगर हम अर्निंग्स को देखें तो पूरे टॉप 500 कंपनियों की अर्निंग ग्रोथ 2 फीसदी के आसपास ही रही है। ऐसे में कहीं न कहीं सिस्टम में मैक्रो और माइक्रो लेवल दोनों पर सुस्ती है। सीमेंट, मेटल और आईटी इन तीन सेक्टरों ने नतीजों पर सबसे ज्यादा दबाव बनाया है।

लेकिन अच्छी बात ये है कि दूसरी तिमाही में मिडकैप की अर्निंग ग्रोथ लार्जकैप और स्मॉलकैप से बेहतर रही है। इसी कारण से इस बार के करेक्शन में लॉर्ज, मिड और स्मॉल कैप सभी एक ही रूप में गिरे हैं। इस करेक्शन में अच्छे शेयरों में धीरे-धीरे निवेश करना चाहिए और अगले 12-18 महीनों में बहुत ज्यादा रिटर्न की उम्मीद नहीं करना चाहिए। बाजार में अब आसानी से पैसा नहीं बनेगा। आने वाले समय में लोगों को पता चलेगा की भाग्य और स्किल को बीच में क्या फर्क है। अब आगे स्किल ही पैसा बनाएगा भाग्य से पैसा नहीं बनेगा।

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