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Adani विवाद के बाद अब Vedanta ने रोकी डॉलर बॉन्ड्स की बिक्री, जानें देरी की वजह

उद्योगपति अनिल अग्रवाल ( Anil Agarwal) की अगुआई वाली कंपनी वेदांता रिसोर्सेज (Vedanta Resources) को अपने डॉलर बॉन्ड्स की बिक्री की योजना को रोकना पड़ा है। ब्लूमबर्ग ने एक रिपोर्ट में बताया कि वेदांता ने डॉलर-डिनॉमिनेटेड बॉन्ड्स की बिक्री की योजना बनाई थी, लेकिन बाजार में अस्थिरता को देखते हुए उसे इसके लॉन्चिंग के समय पर दोबारा सोचने के लिए मजबूर होना पड़ा है

अपडेटेड Nov 21, 2024 पर 05:59 PM

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नुकसान से परेशान! बेच दें स्मॉलकैप शेयर?

शेयर बाजार में आई हालिया गिरावट की सबसे ज्यादा मार स्मॉलकैप शेयरों पर पड़ी है। निवेशक यह समझ नहीं पा रहे हैं कि वे इन स्मॉलकैप शेयरों में अपने निवेश या SIP को बनाए रखे या फिर इन्हें बेच दें। अगर स्मॉलकैप वाले म्यूचुअल फंड स्कीमों को देखें तो यह उलझन और भी बढ़ जाती है। एक तरफ आंकड़े कहते हैं कि करीब 90 प्रतिशत स्मॉलकैप म्यूचुअल फंड्स ने अपने बेंचमार्क इंडेक्स को बीट किया है। लेकिन दूसरी तरफ सच्चाई ये भी है कि एक भी स्मॉलकैप फंड ने पिछले एक साल में अपने निवेशकों को पॉजिटिव रिटर्न नहीं दिया। जी हां एक भी फंड ने नहीं। आखिर स्मॉलकैप स्टॉक्स को क्या हुआ है? इनके वैल्यूएशन को अभी भी एक्सपर्ट्स चिंताजनक क्यों बता रहे हैं और सबसे अहम सवाल, स्मॉलकैप शेयरों में निवेशकों को अब आगे क्या करना चाहिए? आइए इसे समझते हैं

अपडेटेड Jan 23, 2026 पर 23:32