Rupee Close- डॉलर के मुकाबले रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर फिसल गया है। पहली बार एक डॉलर का भाव 81 रुपए के करीब पहुंच गया। रुपए में आज 7 महीने की सबसे बड़ी गिरावट रही। डॉलर के मुकाबले रुपया आज 89 पैसे कमजोर होकर 80.87 के स्तर पर बंद हुआ।

Rupee Close- डॉलर के मुकाबले रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर फिसल गया है। पहली बार एक डॉलर का भाव 81 रुपए के करीब पहुंच गया। रुपए में आज 7 महीने की सबसे बड़ी गिरावट रही। डॉलर के मुकाबले रुपया आज 89 पैसे कमजोर होकर 80.87 के स्तर पर बंद हुआ।
बता दें कि इस साल डॉलर के मुकाबले रुपया करीब 10 फीसदी टूटा है। 2 हफ्ते में रुपया करीब 1.35 पैसे कमजोर हुआ है। US में बढ़ती ब्याज दरें, FIIs की बिकवाली, यूक्रेन युद्ध और 20 साल की ऊंचाई पर डॉलर इंडेक्स ऐसी कई वजह रही है जिससे रुपये की ताकत घटी है।
Rupee Vs Doller: फेडरल रिजर्व के कठोर फैसले के बाद भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचला स्तर छुता नजर आया। डॉलर के मुकाबले रुपया आज 31 पैसे कमजोर होकर 80.29 के स्तर पर खुला। कारोबारी सत्र के आगे बढ़ने के साथ ही इसमें और गिरावट गहराई और रुपया 80.35 के स्तर तक जाता नजर आया।
डॉलर के मुकाबले रुपये में 6 महीने में सबसे बड़ी इंट्राडे गिरावट देखने को मिली है। बता दें कि डॉलर के मुकाबले रुपया बुधवार के कारोबार में 79.98 के स्तर पर बंद हुआ था। फिलहाल 10.20 बजे के आसपास डॉलर के मुकाबले रुपया 80.51 के स्तर पर नजर आ रहा था।
फेड द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी से एशियन करेंसीस में भी कमजोरी देखने को मिल रही है। साउथ कोरिया की करेंसी वॉर्न में 1 फीसदी की गिरावट देखने को मिली रही है जबकि फिलीपींस की करेंसी पेसो (peso) में 0.73 फीसदी , चीन की करेंसी रॅन्मिन्बी (Renminbi) में 0.6 फीसदी, जापान की करेंसी येन (yen ) में 0.57 फीसदी, थाइलैंड की करेंसी थाई बात (Thai Baht) में 0.51 फीसदी की गिरावट देखने को मिल रही है।
इस बीच 10 साल का US बॉन्ड यील्ड 3.6% पर पहुंच गया है। 10 साल का US बॉन्ड की यील्ड 12 साल के उच्च स्तर पर पहुंचा है। वहीं 2 साल का US बॉन्ड यील्ड 4.1% के पार निकला है और यह 15 साल के उच्च स्तर पर पहुंच गया है।
बतातें चलें कि अमेरिका के केंद्रीय बैंक ने बुधवार को लगातार तीसरी बार ब्याज दरों में इजाफा किया। यूएस फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में 0.75 फीसदी का बढ़ोतरी का ऐलान किया। साथ ही 2023 तक ब्याज दरों के 4.6 फीसदी तक जाने का अनुमान जताया। दरअसल अमेरिका में महंगाई पिछले 40 सालों के अपने सबसे ऊंचे स्तर पर है, जिसे काबू में करने के लिए फेडरल रिजर्व लगातार ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर रहा है।
यूएस फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल (Jerome Powell) ने बैठक खत्म होने के बाद मीडिया को ब्याज दरों में बढ़ोतरी के फैसले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ब्याज दरों में बढ़ोतरी का फैसला एकमत से लिया गया है और इसके साथ ही अब केंद्रीय बैंक का बेंचमार्क फंड रेट बढ़कर 3% से 3.25% के रेंज में पहुंच गया है। जेरोम पॉवेल ने बताया कि फेडरल रिजर्व आगे भी ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है। कमेटी के सदस्यों ने इस साल के अंत तक ब्याज दर के 4.4% और साल 2023 के अंत तक 4.6% फीसदी पर पहुंचने की उम्मीद जताई। इससे संकेत मिलता है कि फेडरल रिजर्व नवंबर में होने वाली बैठक में एक बार फिर से ब्याज दरों में 0.75 फीसदी की बढ़ोतरी कर सकता है।
इन सब के बीच फेड के फैसले से क्रूड पर भी दबाव देखने को मिल रहा है। क्रूड का भाव 90 डॉलर के नीचे आया है। सोना और चांदी भी नरम है । क्रिप्टो बाजार में हाहाकार मचा है। इथेरियम 8% टूटा है जबकि बिटक्वॉइन के भाव भी 18000 डॉलर के करीब नजर आ रहे है। वहीं डॉलर इंडेक्स से 111.69 के स्तर पर नजर आ रहा है जो बुधवार के डॉलर इंडेक्स की क्लोजिंग की तुलना में 0.95 फीसदी ज्यादा है।
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