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Share Market Falls: ईरान के हमले से 900 अंक टूटा सेंसेक्स, इन 5 कारणों से निवेशकों के ₹6 लाख करोड़ डूबे

Share Market Crash: मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच शेयर बाजार सोमवार 16 अप्रैल को शुरुआती कारोबारी में भर-भराकर गिर गए और सेंसेक्स 900 अंकों से अधिक टूट गया। वहीं निफ्टी लुढ़कर 22,300 के पास आ गया। इस गिरावट के चलते बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप एक झटके में करीब 6 लाख करोड़ रुपये गिरकर 394.68 पर आ गया

Vikrant singhअपडेटेड Apr 15, 2024 पर 4:47 PM
Share Market Falls: ईरान के हमले से 900 अंक टूटा सेंसेक्स, इन 5 कारणों से निवेशकों के ₹6 लाख करोड़ डूबे
Share Market Crash: अमेरिकी डॉलर में लगातार मजबूती से भी निवेशकों का सेंटीमेंट कमजोर हुआ है

Share Market Crash: मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच शेयर बाजार सोमवार 16 अप्रैल को शुरुआती कारोबारी में भर-भराकर गिर गए और कारोबार के अंत में सेंसेक्स 845 अंकर गिरकर 73,399.78 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 247 अंक टूटकर 22,272.50 पर रहा। इस गिरावट के चलते बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप एक झटके में करीब 6 लाख करोड़ रुपये गिरकर 394.68 पर आ गया। ईरान और इजराइल के बीच जंग ने निवेशकों के सेंटीमेंट को कमजोर कर दिया है। ऑयल एंड गैस को छोड़कर, बीएसई के बाकी सभी सेक्टरोल इंडेक्स लाल निशान में चले गए हैं। आइए जानते हैं कि शेयर बाजार में आज गिरावट के 5 प्रमुख कारण क्या रहे।

1. ईरान और इजराइल के बीच जंग

अधिकतर मार्केट एनालिस्ट्स का कहना है कि सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का मुख्य कारण ईरान-इजराइल युद्ध है। इस जंग के चलते ग्लोबल लेवल पर अनिश्चितताएं बढ़ गई, जिसके चलते निवेशक बाजार से पैसे खींच रहे हैं। ईरान और इजराइल के बीच जंग की शुरुआत सीरिया में स्थित एक ईरानी दूतावास पर हमले से हुई। ईरान ने 1 अप्रैल को हुए इस हमले के पीछे इजराइल का हाथ बताया। इस हमले में ईरान के 2 जनरल सहित 7 लोग मारे गए। इसके 2 हफ्ते बाद अब ईरान ने इजराइजल पर ड्रोन और मिसाइलों से हमले किए हैं। यह पहला मौका है, जब ईरान ने इजराइज के खिलाफ सीधी सैन्य कार्रवाई की है। आशंका जताई जा रही है आने वाले दिनों में इजराइल भी जवाबी कार्रवाई कर सकता है।

2. क्रूड ऑयल के दाम

ईरान और इजराइल के बीच जंग अगल लंबा चला, तो क्रूड ऑयल के दाम बढ़ सकते हैं। फिर क्रूड ऑयल के दाम 90 डॉलर प्रति बैरल के पास हैं। बाजार को डर है कि जंग के चलते पूरे मिडिल ईस्ट में क्रूड से जुड़ा यातायात प्रभावित हो सकता है। हालांकि अभी राहत की बात यह ईरान की ओर से छोड़े गए 300 से अधिक ड्रोन और मिसाइलों में से 99% को इजराइल हवा में ही नष्ट करने में सफल रहा और अभीतक जानमाल का नुकसान न्यूनतम रहा है।

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