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Short Call: क्या घरेलू निवेश मार्केट को ज्यादा गिरने नहीं देगा? जानिए Hindustan Zinc, UPL और टाइटन सुर्खियों में क्यों हैं

स्टॉक मार्केट में 5 अगस्त को आई गिरावट ने निवेशकों को बड़ा झटका दिया है। सवाल है कि क्या मार्केट में गिरावट जारी रहेगी? क्या यह सस्ते भाव पर शेयरों को खरीदने का वक्त है? इन सवालों का जवाब तो कुछ महीने बाद मिलेगा। लेकिन, यह तय है कि स्ट्रॉन्ग घरेलू निवेश बाजार को ज्यादा गिरने नहीं देगा

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 06, 2024 पर 10:09 AM
Short Call: क्या घरेलू निवेश मार्केट को ज्यादा गिरने नहीं देगा? जानिए Hindustan Zinc, UPL और टाइटन सुर्खियों में क्यों हैं
मार्केट कैपिटलाइजेशन और GDP का अनुपात 150 फीसदी तक पहुंच गया है। 2007-08 के बुल रन के दौरान यह अनुपात देखने को मिला था।

क्या यह सस्ते भाव पर शेयर खरीदने का मौका है? जबकभी बाजार में बड़ी गिरावट आती है, यह सवाल निवेशकों के मन में होता है। 5 अगस्त को आई गिरावट को बुल्स खरीदारी के मौके के रूप में देख रहे हैं। उधर, कुछ बेयर्स का मानना है कि यह बाजार में आने वाली गिरावट का पहला संकेत है। बुल्स और बेयर्स में से कौन सही है, इसका पता कुछ महीनों बाद ही चलेगा। इसकी वजह यह है कि बाजार कभी एक दिशा में नहीं चलता है। बाजार में गिरावट के दौर (bear Market) में बीच-बीच में तेजी दिखती है। उसके बाद बाद कीमतें अपने निचले स्तर से ऊपर जाने लगती हैं। इस दौरान सूचकांक अपने पिछले रिकॉर्ड हाई के करीब पहुंच जाते हैं, जिससे ऐसा लगता है कि बाजार में तेजी का दौर शुरू हो गया है। जिन लोगों ने 2000-01 और 2008-09 के बेयर मार्केट को देखा है, वे यह जानते हैं।

SIP के रास्ते आ रहा बड़ा निवेश

कोविड की महामारी शुरू होने के बाद शेयरों में निवेश शुरू करने वाले निवेशक यह दलील देंगे कि यह समय अलग है, क्योंकि मार्केट की तेजी में घरेलू निवेश (Domestic Investment) का बड़ा हाथ है। लंबी अवधि का यह निवेश निवेश SIP और EPFO के जरिए आ रहा है। इसका मतलब है कि पहले की तरह पैनिक सेलिंग (घबराहट में बिकवाली) की जरूरत नहीं है। लेकिन, सवाल यह है कि क्या घरेलू निवेश इसी रफ्तार से जारी रहेगा और क्या वैल्यूएशन का कोई मायने नहीं रह जाएगा?

मार्केट कैपिटलाइजेशन और जीडीपी का अनुपात 150% पर

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