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चुनावी माहौल में इन शेयरों पर लगाएं दांव, एक्सपर्ट्स ने जारी की लिस्ट

Stock Market Strategy in Election Time: चुनावी माहौल में स्टॉक मार्केट को लेकर स्ट्रैटेजी क्या होनी चाहिए? अगले साल लोकसभा चुनाव हैं और इसे लेकर स्ट्रैटेजी पर चर्चा शुरू हो गई है। आमतौर पर माना जाता है कि चुनावी साल में खपत से जुड़े स्टॉक्स यानी कंजम्प्शन स्टॉक्स बेहतर रिटर्न देते हैं क्योंकि चुनाव से पहले सरकार खर्च बढ़ाती है। हालांकि इस बार माहौल कुछ अलग है

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Dec 12, 2023 पर 4:50 PM
चुनावी माहौल में इन शेयरों पर लगाएं दांव, एक्सपर्ट्स ने जारी की लिस्ट
सुस्त मांग और कच्चे माल के ऊंचे भाव के चलते कंज्यूमर स्टेपल्स के शेयरों को झटका लग सकता है। हालांकि प्रीमियम चीजो को लेकर बढ़ते रुझान के चलते कंज्यूमर डिस्क्रेशनरी बढ़िया परफॉर्म कर सकते हैं। हालांकि एनालिस्ट्स के मुताबिक सबसे बेहतर परफॉरमेंस इंडस्ट्रियल स्पेस में दिख सकता है।

Stock Market Strategy in Election Time: चुनावी माहौल में स्टॉक मार्केट को लेकर स्ट्रैटेजी क्या होनी चाहिए? हिंदी बेल्ट के तीन अहम राज्यों मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में बीजेपी की प्रचंड जीत के बाद मार्केट में शानदार तेजी का रुझान है। अगले साल लोकसभा चुनाव हैं और इसे लेकर स्ट्रैटेजी पर चर्चा शुरू हो गई है। आमतौर पर माना जाता है कि चुनावी साल में खपत से जुड़े स्टॉक्स यानी कंजम्प्शन स्टॉक्स बेहतर रिटर्न देते हैं क्योंकि चुनाव से पहले सरकार खर्च बढ़ाती है। हालांकि इस बार माहौल कुछ अलग है। एनालिस्ट्स का मानना है कि इस बार प्राइवेट कैपिटल एक्सपेंडिचर की सुस्त ग्रोथ के बावजूद कंजम्प्शन स्टॉक्स से बेहतर इंडस्ट्रियल्स स्टॉक्स रिटर्न दे सकते हैं।

ब्रोकरेज का क्या है रुझान

सुस्त मांग और कच्चे माल के ऊंचे भाव के चलते कंज्यूमर स्टेपल्स के शेयरों को झटका लग सकता है। हालांकि प्रीमियम चीजो को लेकर बढ़ते रुझान के चलते कंज्यूमर डिस्क्रेशनरी बढ़िया परफॉर्म कर सकते हैं। हालांकि एनालिस्ट्स के मुताबिक सबसे बेहतर परफॉरमेंस इंडस्ट्रियल स्पेस में दिख सकता है। प्रभुदास लीलाधर के रिसर्च हेड अमनीश अग्रवाल के मुताबिक इंफ्रा सेगमेंट में सरकारी निवेश के दम पर इंडस्ट्रियल शेयर बेहतर परफॉरमेंस दिखा सकते हैं। राज्यों के चुनावी नतीजे ने अगले साल के लोकसभा चुनाव में सरकार की वापसी की संभावना बढ़ी है जिससे मौजूदा नीतियों के जारी रहने की उम्मीद है। हाई वैल्यूएशन के बावजूद एनालिस्ट्स को भरोसा है कि इंडस्ट्रियल स्टॉक्स का मजबूत परफॉर्मेंस जारी रहेगा।

वेल्थमिल सिक्योरिटीज के डायरेक्टर (इक्विटी स्ट्रैटेजीज) क्रांति बथिनी के मुताबिक पब्लिक सेक्टर के बढ़ते कैपिटल एक्सपेंडिचर और निजी सेक्टर में भी बढ़ते खर्च के चलते इंडस्ट्रियल सेक्टर मीडियम से शॉर्ट टर्म में बेहतर परफॉर्म कर सकते हैं। क्रांति के मुताबिक इंडस्ट्रियल कंपनियों के लिए सबसे बड़ा फायदा ये है कि मेटल की कीमतें स्थिर हैं। वे लोहा और स्टील की सबसे बड़ी खरीदार हैं और इनके स्थिर भाव से उन्हें फायदा मिलेगा।

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