Sunita Tools IPO Listing: मोल्ड बेस और मशीन पार्ट्स बनाने वाली सुनीता टूल्स (Sunita Tools) के शेयरों की आज BSE के SME प्लेटफॉर्म पर शानदार एंट्री हुई। इस आईपीओ में खुदरा निवेशकों ने भर-भरकर पैसे लगाए थे और उनके लिए आरक्षित हिस्सा 21 गुना से अधिक भरा था। पांच दिनों तक यह इश्यू खुला था लेकिन ओवरसब्सक्राइब यह पहले दिन ही हो गया था। पहले दिन ओवरऑल यह 1.71 गुना भरा था जिसमें खुदरा निवेशकों का हिस्सा 2.47 गुना भरा था। आईपीओ के तहत 145 रुपये के भाव पर शेयर जारी हुए हैं।
आज BSE SME पर इसकी 155 रुपये के भाव पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 6.90 फीसदी का लिस्टिंग गेन (Sunita Tools Listing Gain) मिला। हालांकि लिस्टिंग के बाद शेयर टूट गए। फिसलकर यह 147.25 रुपये (Sunita Tools Share Price) के लोअर सर्किट पर आ गया और इसी पर बंद भी हुआ यानी कि आईपीओ निवेशकों का मुनाफा घटकर 1.55 फीसदी रह गया है।
Sunita Tools IPO पहले ही दिन भर गया था पूरा
सुनीता टूल्स का 22.04 करोड़ रुपये का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 26 सितंबर-3 अक्टूबर के बीच खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला था और पहले ही दिन यह पूरा भर गया था। खुदरा निवेशकों के दम पर पांच दिनों में ओवरऑल यह आईपीओ 13.24 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें खुदरा निवेशकों का हिस्सा 21.10 गुना भरा था।
इस आईपीओ के तहत 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले 13.20 लाख नए शेयर जारी हुए हैं और ऑफर फॉर सेल (OFS) विंडो के जरिए भी 2 लाख शेयरों की बिक्री हुई है। ओएफएस विंडो के तहत जारी पैसे कंपनी को नहीं मिला है और जिसने शेयर बेचे हैं, उन्हें मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कंपनी वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
वर्ष 1988 में बनी सुनीता टूल्स ऑटोमोटिव, फार्मा, इलेक्ट्रॉनिक्स, कंज्यूमर गुड्स और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए मोल्ड बेस और मशीनिंग पार्ट्स बनाती है। इसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में कस्टमाइज्ड इंजेक्शन मोल्ड बेस, प्रिसिजन कंपोनेंट मशीनिंग, कैप्स और क्लोजर के लिए मोल्ड बेस, ब्लो मोल्ड बेस, स्टैंडर्ड मोल्ड बेस, कंप्रेशन मोल्ड बेस, डाई कास्टिंग मोल्ड बेस, इंसर्ट मोल्ड बेस, ओवर मोल्ड बेस,मोल्ड बेस, प्रिसिजन फिनिश सीएनसी मशीनिंग, प्लास्टिक मोल्ड बेस, पॉकेट मशीनिंग और प्रोटोटाइप मोल्ड बेस हैं।
कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2021 से वित्त वर्ष 2023 के बीच इसका शुद्ध मुनाफा 133 फीसदी की सालाना चक्रवृद्धि दर (CAGR) से उछलकर 3.37 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इस दौरान रेवेन्यू भी 27.03 फीसदी की CAGR से बढ़कर 14.17 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।