Get App

एक रिपोर्ट; 14% तक टूट गए BHEL, L&T और ABB जैसे स्टॉक्स

घरेलू स्टॉक मार्केट में आज बिकवाली का भारी दबाव दिखा। घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी 50 (Nifty 50) में करीब 1-1% की गिरावट रही। इन सबके बीच भेल (BHEL), एबीबी इंडिया (ABB India) और लार्सन एंड टुब्रो (L&T) जैसे शेयर 14% तक टूट गए। जानिए इस भारी बिकवाली की वजह

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Jan 08, 2026 पर 5:10 PM
एक रिपोर्ट; 14% तक टूट गए BHEL, L&T और ABB जैसे स्टॉक्स
दिग्गज पीएसयू भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) के शेयरों में आज बिकवाली की ऐसी आंधी आई कि इसमें 4 जून 2024 के बाद से इंट्रा-डे में सबसे गिरावट आई।

दिग्गज पीएसयू भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) के शेयरों में आज बिकवाली की ऐसी आंधी आई कि इसमें 4 जून 2024 के बाद से इंट्रा-डे में सबसे गिरावट आई। भेल के शेयर आज 14% तक टूट गए। इससे पहले इंट्रा-डे में इसमें सबसे बड़ी गिरावट 4 जून 2024 को आई थी, जब लोकसभा चुनाव के नतीजे वाले दिन यह इंट्रा-डे में 21% तक फिसल गया था। सिर्फ भेल ही नहीं बल्कि एबीबी इंडिया (ABB India) और सीमेन्स इंडिया (Siemens India) जैसे शेयरों में भी आज तेज गिरावट आई और एलएंडटी (L&T) के शेयर तो आज सेंसेक्स के टॉप लूजर रहे। इन शेयरों में आज 14% तक की गिरावट आई। इन गिरावट का सीधा कनेक्शन सरकार से है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में कुछ ऐसे दावे किए गए जिससे निवेशक घबरा उठे और धड़ाधड़ शेयरों की बिकवाली करने लगे।

क्या है इस रिपोर्ट में?

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक वित्त मंत्रालय की योजना सरकारी ठेकों के लिए बोली लगाने वाली चीनी कंपनियों पर पांच साल पुराने प्रतिबंध को खत्म करने की है। यह प्रतिबंध करीब पांच साल पहले गलवान सीमा पर लड़ाई के बाद वर्ष 2020 में लगाया गया था और इसके तहत चीन से बोली लगाने वालों को एक सरकारी कमेटी के पास रजिस्ट्रेशन कराने के साथ-साथ राजनीतिक और सिक्योरिटी क्लियरेंस लेना अनिवार्य कर दिया गया था।

रिपोर्ट के मुताबिक पावर सेक्टर के लिए इक्विपमेंट के चीन से आयात पर रोक के चलते अगले दशक में भारत की थर्मल पावर कैपेसिटी को करीब 307 गीगावाट तक बढ़ाने की योजनाओं में दिक्कतें आई हैं। न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक अब इन प्रतिबंधों में ढील देने के लिए पूर्व कैबिनट सचिव राजीव गाबा की अध्यक्षता वाली एक हाई लेवल कमेटी ने सिफारिश की है।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें