Wipro Share Buyback: आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी विप्रो (Wipro) ने अप्रैल में 12 हजार करोड़ रुपये के शेयरों के बायबैक का ऐलान किया था। आज यह शेयर एक्स-बायबैक ट्रे़ड कर रहा है और इसके चलते शेयरों की कमजोरी दिख रही है। इस बायबैक के लिए अभी टाइमलाइन फिक्स नहीं हुआ है लेकिन बोर्ड ने 16 जून का रिकॉर्ड डेट फिक्स कर दिया था। आज इसके शेयर बीएसई पर मजबूत मार्केट सेंटिमेंट में भी फिसल रहे हैं। BSE Sensex आज 0.74 फीसदी की मजबूती के साथ 63,384.58 पर बंद हुआ है जबकि विप्रो के शेयर 1.04 फीसदी की कमजोरी के साथ 381.40 रुपये (Wipro Share Price) पर बंद हुए हैं। अब शेयरों के आगे के चाल की बात करें तो ब्रोकरेज इसे लेकर बुलिश हैं और ट्रेंडलाइन पर मौजूद आंकड़ों के मुताबिक इसका औसत टारगेट 416.69 रुपये है।
बायबैक में हिस्सा लेने की एक्सपर्ट ने दी थी सलाह
सॉफ्टवेयर निर्यात करने वाली देश की तीसरी बड़ी कंपनी ने दो रुपये की फेस वैल्यू वाले 26,96,62,921 इक्विटी शेयरों के वापस खरीदने यानी बायबैक का प्रस्ताव दिया था। इस टेंडर ऑफर के लिए 445 रुपये प्रति शेयर का भाव तय किया गया था। इस बायबैक का हिस्सा लेने के लिए 15 जून तक का समय निवेशकों के पास था। इस ऑफर में खुदरा निवेशकों के लिए 15 फीसदी हिस्सा आरक्षित था।
स्वास्तिका इनवेस्टमार्ट के इक्विटी रिसर्च एनालिस्ट अनुभूति मिश्र के मुताबिक चूंकि टेंडर ऑफर शेयर प्राइस से अधिक हैं तो इस बायबैक का हिस्सा बनना चाहिए। बता दें कि एक दिन पहले यानी बायबैक का हिस्सा बनने के आखिरी दिन बीएसई पर यह 388.95 रुपये पर बंद हुआ था। साइज के हिसाब से यह अब तक का सबसे बड़ा बायबैक है। आठ साल में विप्रो अब तक 45500 करोड़ रुपये के शेयर वापस खरीद चुकी है।
अब आगे कैसी रहेगी Wipro की चाल
प्रभुदास लीलाधर की वाइस प्रेसिडेंट (टेक्निकल रिसर्च) वैशाली पारेख के मुताबिक विप्रो के शेयरों के लिए 410 का लेवल रेजिस्टेंस के तौर पर काम कर रहा है और मुनाफावसूली के चलते यह 200 दिनों के डेली मूविंग एवरेज यानी 392 से नीचे आ चुका है। इसमें अभी और गिरावट आ सकती है। वैशाली के मुताबिक इसे 380 के आस-पास सपोर्ट मिल रहा है और अपसाइड बात करें तो 410 के ऊपर यह खुद को संभाले रहता है तो अच्छी तेजी दिख सकती है।
टेक्निकल तौर पर देखे तों तो इसका 14 दिनों का रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 52.9 है यानी कि न तो यह ओवरसोल्ड जोन (30 के नीचे) और न ही ओवरबाट (70 के ऊपर) है। इसके शेयर 50, 100 और 150 दिनों के मूविंग एवरेज से ऊपर ट्रेड हो रहे हैं लेकिन 5, 20,30 और 200 दिनों के मूविंग एवरेज से नीचे।
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