स्पेस एजेंसी ने बताया कि ये हिस्सा बुधवार दोपहर 2:42 IST के आसपास पृथ्वी के वायुमंडल में देबारा से प्रवेश कर गया। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने एक बयान में कहा, "संभावित प्रभाव बिंदु की भविष्यवाणी उत्तरी प्रशांत महासागर के ऊपर की गई थी। फाइनल ग्राउंड ट्रैक भारत के ऊपर से नहीं गुजरा। रॉकेट बॉडी का दोबारा से प्रवेश इसके लॉन्च के 124 दिनों के भीतर हुआ
अपडेटेड Nov 16, 2023 पर 06:17 PM