डॉनल्ड ट्रंप को उनकी हठ का नतीजा समझ में आएगा। अब वो कह रहे हैं कि देश शेयर बाजार से बड़ा है। जहां मार्केट में राष्ट्रवाद जुड़ा,वहां गड़बड़ है। शेयर बाजार राष्ट्रवाद की चिंता नहीं करता, वो अपनी लय में चलता है। शेयर बाजार में अहम ये है कि निवेश में कौन ज्यादा पैसे बनाता है। अगर अमेरिका में पैसा नहीं बनेगा तो पैसा शिफ्ट होगा। पिछले साल अमेरिका में जमकर पैसा बना। वही पैसा वहां से चुटकी में निकल भी सकता है
अपडेटेड Mar 12, 2025 पर 12:33 PM