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एयरपोर्ट पर हैंडबैग से बाहर नहीं निकालने पड़ेंगे फोन और लैपटॉप, देश के इस शहर में शुरू हो रहा एडवांस्ड सिक्योरिटी चेक

बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (KIA) के टर्मिनल 2 (T2) पर CTX मशीन का ट्रायल रन अगले कुछ हफ्तों में शुरू हो जाएगा। इससे सिक्योरिटी चेकपॉइंट्स पर प्रोसेसिंग का समय भी कम हो जाएगा। शुरुआत के लिए, नई प्रणाली केवल घरेलू यात्रियों के लिए है और दिसंबर 2023 में चालू होने की संभावना है। यात्री अपने इलेक्ट्रॉनिक सामान (लैपटॉप, आदि) और एलएजी (लिक्विड, एरोसोल और जैल) को अपने बैग में छोड़ सकेंगे

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Nov 27, 2023 पर 3:11 PM
एयरपोर्ट पर हैंडबैग से बाहर नहीं निकालने पड़ेंगे फोन और लैपटॉप, देश के इस शहर में शुरू हो रहा एडवांस्ड सिक्योरिटी चेक
तेज और अधिक सुरक्षित उड़ान अनुभव के लिए टी2 पर तीन फुल-बॉडी स्कैनर लगाए गए हैं।

बेंगलुरु से हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों को अब एयरपोर्ट पर सिक्योरिटी चेकपॉइंट्स पर हैंडबैग से मोबाइल फोन और लैपटॉप जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम्स निकालने नहीं पड़ेंगे। इसकी वजह है कि एयरपोर्ट पर जल्द ही CTX (कंप्यूटर टोमोग्राफी एक्स-रे) मशीन लगने वाली है। बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (KIA) की ऑपरेटर बेंगलुरु इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (BIAL) के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर सत्यकी रघुनाथ का कहना है कि टर्मिनल 2 (T2) पर CTX मशीन का ट्रायल रन अगले कुछ हफ्तों में शुरू हो जाएगा। शुरुआत के लिए, नई प्रणाली केवल घरेलू यात्रियों के लिए है और दिसंबर 2023 में चालू होने की संभावना है।

इससे T2 का इस्तेमाल करने वाले यात्रियों को सिक्योरिटी चेकपॉइंट्स पर हैंडबैग से मोबाइल फोन और लैपटॉप जैसे व्यक्तिगत इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज निकालने की जरूरत नहीं होगी। रघुनाथ ने कहा, "KIA, CTX मशीन के लिए यात्री परीक्षण शुरू करने वाला भारत का पहला हवाई अड्डा होगा, जिसे ऑटोमेटिक ट्रे रिट्रीवल सिस्टम (ATRS) और फुल-बॉडी स्कैनर के साथ इंटीग्रेट किया जाएगा।" BIAL के अधिकारियों ने कहा कि तेज और अधिक सुरक्षित उड़ान अनुभव के लिए टी2 पर तीन फुल-बॉडी स्कैनर लगाए गए हैं।

प्रति व्यक्ति आवश्यक ट्रे की कम होगी संख्या

आगे कहा कि ऑपरेटर, बैग की चीजें देखने के लिए व्यू को रोटेट कर सकते हैं, रीचेक और फिजिकल इंस्पेक्शन में कटौती कर सकते हैं। इसके अलावा, नई प्रणाली सुरक्षा जांच के दौरान प्रति व्यक्ति आवश्यक ट्रे की संख्या को कम कर देगी। इसका मतलब है कि यात्री अपने इलेक्ट्रॉनिक सामान (लैपटॉप, आदि) और एलएजी (लिक्विड, एरोसोल और जैल) को अपने बैग में छोड़ सकेंगे और कम वक्त लेने वाली स्क्रीनिंग प्रोसेस से गुजर सकेंगे।

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