पाकिस्तान (Pakistan Financial Crisis) में आर्थिक उथल-पुथल के बीच पीएम शाहबाज शरीफ (Pakistan PM Shehbaz Sharif) ने पहली बार सार्वजनिक तौर पर माना है कि बतौर प्रधानमंत्री हर विदेशी दौरे पर जाकर मदद के लिए हाथ फैलाना उनके लिए शर्मिंदगी की बात है। शरीफ ने कहा है कि मित्र देशों से और कर्ज मांगने में उन्हें शर्मिंदगी महसूस होती है क्योंकि यह नकदी संकट से जूझ रहे देश की आर्थिक चुनौतियों का स्थायी समाधान नहीं है। शरीफ के मुताबिक, पाकिस्तान एक परमाणु शक्ति से लैस इस्लामी देश है। अगर ऐसे में हमें हर बार और मित्र देशों के यहां जाकर भीख मांगना पड़े तो इससे ज्यादा शर्मनाक और कुछ नहीं हो सकता।
