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पाकिस्तानी पीएम शाहबाज शरीफ का छलका दर्द, बोले- परमाणु शक्ति होकर मित्र देशों से हमेशा भीख मांगना शर्मनाक

Shehbaz Sharif: पाकिस्तान पिछले कुछ समय से बेहद आर्थिक संकट से जूझ रहा है। देश में जारी आर्थिक उथल-पुथल के बीच पीएम शाहबाज शरीफ का मानना है कि पाकिस्तान एक एटमी ताकत रखने वाला इस्लामी देश है। ऐसे में अगर हमें हर बार और मित्र देशों के यहां जाकर भीख मांगना पड़े तो इससे ज्यादा शर्मनाक और कुछ नहीं हो सकता

Curated By: Akhileshअपडेटेड Jan 15, 2023 पर 10:31 PM
पाकिस्तानी पीएम शाहबाज शरीफ का छलका दर्द, बोले- परमाणु शक्ति होकर मित्र देशों से हमेशा भीख मांगना शर्मनाक
Shehbaz Sharif: खराब आर्थिक स्थिति को देखते हुए कई देशों ने पाकिस्तान को आर्थिक सहायता प्रदान की है

पाकिस्तान (Pakistan Financial Crisis) में आर्थिक उथल-पुथल के बीच पीएम शाहबाज शरीफ (Pakistan PM Shehbaz Sharif) ने पहली बार सार्वजनिक तौर पर माना है कि बतौर प्रधानमंत्री हर विदेशी दौरे पर जाकर मदद के लिए हाथ फैलाना उनके लिए शर्मिंदगी की बात है। शरीफ ने कहा है कि मित्र देशों से और कर्ज मांगने में उन्हें शर्मिंदगी महसूस होती है क्योंकि यह नकदी संकट से जूझ रहे देश की आर्थिक चुनौतियों का स्थायी समाधान नहीं है। शरीफ के मुताबिक, पाकिस्तान एक परमाणु शक्ति से लैस इस्लामी देश है। अगर ऐसे में हमें हर बार और मित्र देशों के यहां जाकर भीख मांगना पड़े तो इससे ज्यादा शर्मनाक और कुछ नहीं हो सकता।

बता दें कि पाकिस्तान पिछले कुछ समय से बेहद आर्थिक संकट से जूझ रहा है। हालात इतने खराब हो गए हैं कि देश में खाने-पीने की चीजों के दाम आसमान छू रहे हैं। एक किलो आटे की कीमत 150 रुपये को पार कर चुकी है। महंगाई को लेकर लोगों में भारी आक्रोश है। देश के अलग-अलग हिस्सों में लगातार सड़कों पर सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। स्थिति को देखते हुए कई देशों ने पाकिस्तान को आर्थिक सहायता प्रदान की है।

इस बीच, द न्यूज इंटरनेशनल के अनुसार शरीफ शनिवार को पंजाब प्रांत की राजधानी लाहौर में पाकिस्तान प्रशासनिक सेवा (PAS) के परिवीक्षाधीन अधिकारियों के पासिंग आउट समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस दौरान अपने संबोधन में इसको लेकर खेद जताया कि पिछले 75 सालों के दौरान देश की विभिन्न सरकारों ने आर्थिक मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया।

‘जियो न्यूज’ के अनुसार शरीफ ने वित्तीय सहायता के लिए सऊदी अरब की प्रशंसा करते हुए कहा कि और कर्ज मांगने में उन्हें वास्तव में शर्मिंदगी महसूस होती है। उन्होंने कहा कि विदेशी कर्ज मांगना पाकिस्तान की आर्थिक चुनौतियों का सही समाधान नहीं है क्योंकि उसे अंततः वापस करना होगा।

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