श्रीलंका (Sri Lanka) के लोगों ने शायद ही कभी ऐसे दिन के बारे में सोचा होगा। देश की 2.2 करोड़ आबादी को जरूरी चीजें तक नहीं मिल पा रही हैं। अस्पताल में दवाइयां नहीं है। फ्यूल के लिए लंबी लाइन लग रही है। घंटों उन्हें बगैर बिजली सप्लाई गुजारा करना पड़ रहा है। देश के लोगों में सरकार के खिलाफ गुस्सा है। राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षा (Gotabaya Rajapaksa) पर दबाव लगातर बढ़ रहा है।
