UK Inflation: ब्रिटेन में महंगाई से हाहाकार मचा हुआ है। खाने की चीजों के महंगे होने के चलते पिछले महीने सितंबर में महंगाई दर (इंफ्लेशन) 10 फीसदी से ऊपर पहुंच गई। बुधवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों से इसका खुलासा हुआ है। बढ़ी हुई महंगाई के चलते ब्रिटेन में आम जरूरतों के लिए भी अधिक पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं।
ब्रिटेन के ऑफिस फॉर स्टैटिस्टिक्स ने खुलासा किया कि सितंबर में महंगाई सालाना आधार पर 10.1 फीसदी की दर से बढ़ी। यह पिछले 40 वर्षों में सबसे अधिक है। खाने-पीने की चीजों के महंगे होने के अलावा बिजली के बढ़े भाव ने भी उछाला है। एक महीने पहले अगस्त 2022 में यह आंकड़ा 9.9 फीसदी पर था।
क्या होगा बढ़ी हुई महंगाई दर का असर
एनालिस्ट्स के मुताबिक सितंबर में 40 साल के रिकॉर्ड इंफ्लेशन का असर बैंक ऑफ इंग्लैंड की मौद्रिक नीतियों पर दिख सकता है। एनालिस्ट्स के मुताबिक अब बैंक ऑफ इंग्लैंड पर दरों में बढ़ोतरी जारी रखने का दबाव बनेगा। कैपिटल इकनॉमिक्स का आकलन है कि नवंबर में होने वाली अगली बैठक में बैंक ऑफ इंग्लैंड दरों में एक फीसदी की बढ़ोतरी कर इसे 3.25 फीसदी पर कर सकता है।
महंगाई से परेशान लोगों पर ब्रिटेन के नए वित्त मंत्री जेरेमी हंट (Jeremy Hunt) का कहना है कि देश भर के लोग बढ़ती कीमतें और एनर्जी बिल में उछाल का सामना कर रहे हैं। सरकार ऐसे समय में गरीब तबकों की मदद को प्रॉयोरिटी देगी। हंट का कहना है कि इकनॉमिक स्थिरता और लांग टर्म ग्रोथ को ध्यान में रखते हुए लोगों को महंगाई से राहत दी जाएगी।
हंट को क्वासी क्वार्टेंग (Kwasi Kwarteng) की जगह हाल ही में वित्त मंत्री बनाया गया है। क्वारटेंग छह हफ्ते से भी कम समय तक वित्त मंत्री रहे और ब्रिटिश प्रधानमंत्री लिज ट्रूस (Liz Truss) ने बजट ऐलान पर मचे विवादों के बाद उनका इस्तीफा ले लिया था और अब उन पर भी पद छोड़ने का दबाव है। ट्रूस सरकार ने हाल ही में संसद में मिनी बजट पेश किया था जिसमें टैक्स बढ़ोतरी और महंगाई पर रोक लगाने वाले कदम उठाए गए थे लेकिन जल्द ही इन फैसलों को वापस लेना पड़ा।