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Budget 2026: पति-पत्नी को ज्वाइंट रिटर्न फाइलिंग की सुविधा मिल सकती है, जानिए इसके फायदे

इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) ने पति और पत्नी के लिए ज्वाइंट टैक्स-फाइलिंग का विकल्प शुरू करने की सलाह सरकार को दी है। यह सिस्टम पहले से अमेरिका और जर्मनी जैसे देशों में है। इन देशों में कई पति और पत्नी इस सुविधा का इस्तेमाल करते हैं। इससे परिवार की टैक्स लायबिलिटी कम हो जाती है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 20, 2026 पर 6:25 PM
Budget 2026: पति-पत्नी को ज्वाइंट रिटर्न फाइलिंग की सुविधा मिल सकती है, जानिए इसके फायदे
आईसीएआई ने अपने प्रस्ताव में कहा है कि ऐसे पति-पत्नी जिनके पास वैलिड पैन है, उन्हें ज्वाइंट रिटर्न फाइल करने का विकल्प मिलना चाहिए।

इंडिया में पति और पत्नी के लिए ज्वाइंट टैक्स फाइलिंग की सुविधा नहीं है। यहां हर इंडिविजुअल टैक्सपेयर के लिए अलग एग्जेम्प्शन और डिडक्शन लिमिट है। शादी के बाद भी पति और पत्नी को बतौर इंडिविजुअल टैक्सेपयर रिटर्न फाइल करना पड़ता है, जबकि भारत में ज्यादातर परिवारों की इनकम, खर्च और फाइनेंशियल प्रायरिटीज में पति और पत्नी की हिस्सेदारी होती है।

वर्तमान टैक्स सिस्टम आज के परिवार की जरूरत के हिसाब से नहीं

Union Budget 2026 पेश होने से पहले पति और पत्नी के लिए ज्वाइंट रिटर्न फाइलिंग की सुविधा भारत में शुरू होने की काफी चर्चा है। कई टैक्सपेयर्स का कहना है कि अभी जो सिस्टम है, वह आज के परिवारों की जरूरतों के हिसाब से नहीं है। अगर सरकार पति और पत्नी के लिए ज्वाइंट रिटर्न फाइलिंग का विकल्प शुरू करती है तो कई परिवारों खासकर उन परिवारों पर टैक्स का बोझ कम हो जाएगा, जिसमें कमाने वाला एक ही सदस्य है।

आईसीएआई ने सरकार को दी है ज्वाइंट टैक्सेशन शुरू करने की सलाह

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