इंडिया में पति और पत्नी के लिए ज्वाइंट टैक्स फाइलिंग की सुविधा नहीं है। यहां हर इंडिविजुअल टैक्सपेयर के लिए अलग एग्जेम्प्शन और डिडक्शन लिमिट है। शादी के बाद भी पति और पत्नी को बतौर इंडिविजुअल टैक्सेपयर रिटर्न फाइल करना पड़ता है, जबकि भारत में ज्यादातर परिवारों की इनकम, खर्च और फाइनेंशियल प्रायरिटीज में पति और पत्नी की हिस्सेदारी होती है।
