अक्सर लोगों को लगता है कि माता-पिता की हर संपत्ति पर बच्चों का हक होता है। लेकिन सच्चाई इससे अलग है। कानून के अनुसार बच्चों का अधिकार इस बात पर तय होता है कि संपत्ति पैतृक (ancestral) है या खुद की कमाई से खरीदी गई (self-acquired)। यही एक फर्क तय करता है कि बच्चे कब और कितना दावा कर सकते हैं। बच्चे यह मानकर चलते हैं कि उन्हें अपने माता-पिता की संपत्ति में हिस्सा जरूर मिलेगा। खासकर जब घर या जमीन कई सालों से परिवार में हो.. लेकिन कानून के हिसाब से मामला इतना सीधा नहीं है।
